पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में अवैध गैस रिफिलिंग और सिलेंडरों की कालाबाजारी करने वाले सिंडिकेट के खिलाफ प्रशासन ने सर्जिकल स्ट्राइक की है। सोमवार देर रात सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव में हुई इस छापेमारी ने अवैध कारोबारियों के नेटवर्क को हिला कर रख दिया है। एक बंद मकान के भीतर छिपाकर रखे गए दो दर्जन गैस सिलेंडरों की बरामदगी के बाद इलाके में हड़कंप की स्थिति है।
काफी समय से जिला प्रशासन और पूर्ति विभाग को सुल्तानपुर गांव में गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण और उनकी रिफिलिंग की खबरें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) विकास कुमार ने एक विशेष टीम का गठन किया। सोमवार की रात योजनाबद्ध तरीके से टीम ने अंकित मिश्रा नामक व्यक्ति के बंद पड़े मकान पर धावा बोला। जब टीम घर के भीतर दाखिल हुई, तो नजारा चौंकाने वाला था। घर के एक गुप्त कमरे में भारी मात्रा में घरेलू गैस सिलेंडर कतारबद्ध तरीके से रखे गए थे।
छापेमारी के दौरान पूर्ति विभाग की टीम ने गिनती की तो कुल 24 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद हुए। प्रशासन ने जब वहां मौजूद लोगों से इन सिलेंडरों के भंडारण से जुड़े वैध कागजात या लाइसेंस की मांग की, तो वे कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। न तो उनके पास गैस एजेंसी का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड था और न ही इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडरों को रिहायशी इलाके में रखने की अनुमति। प्रशासनिक टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी सिलेंडरों को अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिया है।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इन सिलेंडरों का इस्तेमाल व्यावसायिक लाभ के लिए किया जाना था। अक्सर बड़े घरेलू सिलेंडरों से गैस चोरी कर उन्हें छोटे सिलेंडरों में भरा जाता है, जिसे ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। सुल्तानपुर गांव का यह घर इस अवैध धंधे का मुख्य केंद्र बना हुआ था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पूर्ति अधिकारी विकास कुमार ने दोटूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल पूरी तरह अवैध हैं, बल्कि घनी आबादी वाले ग्रामीण क्षेत्रों में किसी बड़े और भयावह हादसे को भी खुला निमंत्रण देती हैं। रिहायशी इलाके में बिना सुरक्षा मानकों के इतनी बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर रखना जानलेवा साबित हो सकता था।
मीडिया से मुखातिब होते हुए पीलीभीत के डीएसओ विकास कुमार ने कड़े तेवर अपनाते हुए कहा कि सुल्तानपुर गांव में हुई यह बरामदगी महज एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि अवैध भंडारण का एक बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने बताया कि विभाग ने मौके से मिले सभी 24 सिलेंडरों को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया है। प्रशासन अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रहा है कि इन सिलेंडरों की निर्बाध सप्लाई आखिर किस गैस एजेंसी या बिचौलिए के माध्यम से की जा रही थी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस पूरे काले धंधे के पीछे जो भी मुख्य सूत्रधार या मास्टरमाइंड छिपा है, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद सेहरामऊ उत्तरी और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से गैस का काम करने वाले वेंडरों में अफरा-तफरी का माहौल है। पुलिस अब मकान मालिक और इस धंधे से जुड़े अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। आने वाले दिनों में जिले के कुछ अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी छापेमारी की संभावना जताई जा रही है।
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