पढ़ेगा खारा तभी तो बढ़ेगा खारा: एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने किया राजकीय हाई स्कूल का शिलान्यास

खबर सार :-
सुल्तानपुर के धनपतगंज में एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने 1.32 करोड़ की लागत से बनने वाले राजकीय हाई स्कूल खारा का शिलान्यास किया। जानें कैसे "पढ़ेगा खारा, तभी बढ़ेगा खारा" अभियान शिक्षा की तस्वीर बदलेगा।

पढ़ेगा खारा तभी तो बढ़ेगा खारा: एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने किया राजकीय हाई स्कूल का शिलान्यास
खबर विस्तार : -

धनपतगंज, सुल्तानपुर: शिक्षा किसी भी समाज की उन्नति का आधार होती है। इसी संकल्प को धरातल पर उतारते हुए जनपद के विकासखंड धनपतगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत खारा में मंगलवार को एक ऐतिहासिक अध्याय लिखा गया। "पढ़ेगा खारा तभी तो बढ़ेगा खारा" के गूंजते नारों के बीच राजकीय हाई स्कूल खारा के निर्माण हेतु भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह संपन्न हुआ।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विधान परिषद सदस्य (MLC) शैलेंद्र प्रताप सिंह ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विद्यालय की आधारशिला रखी।

 1.32 करोड़ की लागत से संवरेगा भविष्य

ग्राम पंचायत खारा के प्राइमरी विद्यालय कोटवा में आयोजित इस भव्य समारोह में क्षेत्र के तमाम गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। बता दें कि इस नवनिर्मित होने वाले विद्यालय भवन के लिए शासन द्वारा लगभग 1.32 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। कार्यक्रम के आरंभ में ग्राम प्रधान दिव्यराज सिंह ‘लकी’ ने मुख्य अतिथि का माल्यार्पण कर गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके पश्चात एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलन किया।

 विधि-विधान से संपन्न हुआ भूमि पूजन

शिलान्यास की प्रक्रिया बाबा ब्रह्मचारी आश्रम चंदौर के पूज्य अवधेश दास ब्रह्मचारी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुई। मुख्य अतिथि और ग्राम प्रधान ने विधि-विधान से हवन-पूजन किया। इसके बाद फावड़े से प्रतीकात्मक खुदाई कर और पहली ईंट रखकर विद्यालय भवन का शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह के नाम की शिलापट्टिका का अनावरण भी किया गया।

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने राजकीय हाई स्कूल की स्थापना को क्षेत्र के बच्चों के भविष्य के लिए एक अनमोल उपहार बताया। उन्होंने ग्राम प्रधान दिव्यराज सिंह ‘लकी’ के समर्पित प्रयासों की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि कई प्रशासनिक जटिलताओं और लंबे संघर्ष के बाद इस विद्यालय की स्वीकृति मिल सकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधान जी की अटूट जिद और कड़ी मेहनत का ही यह सुखद परिणाम है कि अब ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए लंबी दूरी तय कर दूर नहीं जाना पड़ेगा। एमएलसी ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में शिक्षा के लोकतंत्रीकरण और हर गांव तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और इस विद्यालय का निर्माण इसी व्यापक संकल्प का एक हिस्सा है। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया कि वर्तमान में यह विद्यालय हाई स्कूल स्तर का है, लेकिन आने वाले समय में इसे इंटरमीडिएट तक विस्तारित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे, ताकि क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा का लाभ अपने ही गांव के निकट मिल सके।

 प्रधान का संकल्प: पद रहे न रहे, शिक्षा का स्तर ऊंचा रहेगा

ग्राम प्रधान दिव्यराज सिंह ‘लकी’ ने भावुक होते हुए कहा कि "पढ़ेगा खारा तभी तो बढ़ेगा खारा" केवल एक दीवार पर लिखा स्लोगन नहीं है, बल्कि यह हर ग्रामीण का सपना है। उन्होंने कहा कि बदलाव के लिए पहल करना अनिवार्य है और वह अपने गांव को शिक्षा के केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। उनका लक्ष्य है कि आने वाली पीढ़ियां एक बेहतर और शिक्षित परिवेश में सांस लें।

 कार्यक्रम में मौजूद रहे ये गणमान्य व्यक्ति

इस गौरवमयी क्षण के साक्षी बनने वालों में एई आशीष राय, जेई आशीष मिश्रा, राम अवध, अनिल सिंह, शिवप्रसाद दुबे (अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण परिषद), पंडित कल्लू और प्रधान के पिता पृथ्वी पाल सिंह प्रमुख रहे। साथ ही समरजीत सिंह, राम सिंह, घनश्याम सिंह, सुशील यादव, अजय सिंह, सुरेंद्र प्रताप सिंह, अर्जुन पांडे और महेंद्र प्रताप सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के समापन पर ग्राम प्रधान ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

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