Bhilwara: जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचेगी सामग्री, सेवा अभियान बना प्रेरणा

खबर सार :-
आदिवासी छात्रों की सेवा करने का वादा करते हुए, हरि शेवा धर्मशाला ने 811 कंबल बांटे और 25 हजार रुपए दान किए। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की तारीफ़ करते हुए कहा कि इस तरह की सेवा से न सिर्फ़ ज़रूरतमंदों को राहत मिलती है, बल्कि समाज में एक अच्छा संदेश भी जाता है।

Bhilwara: जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचेगी सामग्री, सेवा अभियान बना प्रेरणा
खबर विस्तार : -

भीलवाड़ा: समाज सेवा और मानवता की सच्ची भावना को साकार करते हुए भीलवाड़ा के हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर एवं हरिशेवा धर्मशाला द्वारा वनवासी क्षेत्रों के लिए एक सराहनीय सेवा अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत उदयपुर क्षेत्र के विभिन्न वनवासी छात्रावासों में रह रहे छात्र-छात्राओं और वहां कार्यरत स्टाफ की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बड़ी मात्रा में उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराई गई।

बांटा गया जरूरत का सारा सामान

यह सेवा कार्य महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के सानिध्य में संपन्न हुआ, जिसने समाज में सहयोग और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। मौसम में हल्की सर्दी को देखते हुए जरूरतमंदों को राहत देने के उद्देश्य से 811 पतले कंबल, 811 शॉल, 31 साड़ियां और दुपट्टों का वितरण किया गया। इसके साथ ही 25 हजार रुपये का चेक भी सहयोग स्वरूप प्रदान किया गया, जिससे छात्रावासों की अन्य आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।

इस सामग्री और सहयोग राशि को राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद की जिलाध्यक्ष मनीषा जाजू, संरक्षक पल्लवी वच्छानी और प्रांत नगरीय कार्य प्रमुख रामप्रकाश अग्रवाल को सौंपा गया। परिषद के माध्यम से यह सामग्री उदयपुर क्षेत्र के विभिन्न वनवासी छात्रावासों तक पहुंचाई जाएगी, जिससे वहां रह रहे विद्यार्थियों और स्टाफ को सीधा लाभ मिल सके।

कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम के दौरान स्वामी हंसराम उदासीन ने कहा कि “सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है” और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि हरिशेवा धर्मशाला द्वारा समय-समय पर ऐसे सेवा कार्य आयोजित किए जाते हैं, ताकि जरूरतमंदों को राहत मिल सके और समाज में परोपकार की भावना को बढ़ावा मिले। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भी अपने सामर्थ्य के अनुसार समाज सेवा में योगदान दें और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएं।

इस अवसर पर आश्रम के संत मायाराम, संत गोविंद राम, संत केशव राम, धर्मशाला के सचिव हेमंत वच्छानी, लघु उद्योग भारती से रविंद्र जाजू, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघ चालक चांदमल सोमानी और ईश्वर आसनानी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने इस सेवा अभियान की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।

स्थानीय लोगों ने भी इस प्रयास को सराहा और कहा कि ऐसे सेवा कार्य न केवल जरूरतमंदों को राहत पहुंचाते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी देते हैं। वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों के लिए यह सहयोग बेहद उपयोगी साबित होगा और उन्हें बेहतर वातावरण में पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करेगा।
 

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