झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी में संगठित अपराध और अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नवाबाद, चिरगांव और एसओजी (SOG) पुलिस की संयुक्त टीम ने आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टा खिलाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के तीन मुख्य गुर्गों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस दबिश के दौरान सटोरियों ने भागने की कोशिश में सरकारी वाहन को टक्कर भी मारी, जिसमें एक उपनिरीक्षक घायल हो गए।
प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी विनय कुमार यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मुस्तरा के पास सखी के हनुमान मंदिर के पास नवनिर्मित जेडीए कॉलोनी में कुछ सटोरिये एक फॉर्च्यूनर कार में मौजूद हैं। जैसे ही पुलिस की बोलेरो उनके पास पहुँची, सटोरियों ने पकड़े जाने के डर से अपनी भारी-भरकम फॉर्च्यूनर से पुलिस की गाड़ी में जोरदार टक्कर मार दी। इस हमले में उप-निरीक्षक निखिल कुमार को चोटें आई हैं, लेकिन पुलिस टीम ने साहस दिखाते हुए घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान शुभम उपाध्याय, विजय बाधवा और नितिन अग्रवाल के रूप में हुई है।
तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ जो दस्तावेज लगे हैं, वे चौंकाने वाले हैं। आरोपियों के पास से बरामद रजिस्टर और डायरी में 100 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध सट्टे का हिसाब-किताब मिला है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन सटोरियों के विभिन्न बैंक खातों में जमा 50 लाख रुपये की धनराशि को फ्रीज करवा दिया है। इसके अलावा, मौके से 84,500 रुपये नकद, मोबाइल फोन, टैबलेट और लग्जरी फॉर्च्यूनर कार बरामद की गई है।
पूछताछ में मुख्य आरोपी शुभम उपाध्याय ने स्वीकार किया कि उसने सट्टे की काली कमाई से झांसी के पॉश इलाकों में 5 प्लॉट, 2 फार्म हाउस और एक दुकान खरीदी है। ये संपत्तियां उसने अपनी पत्नी और बच्चों के नाम पर ली थीं। वहीं, नितिन अग्रवाल ने झांसी के साथ-साथ धौलपुर (राजस्थान) में भी अवैध कमाई से बेनामी संपत्तियां अर्जित की हैं। विजय बाधवा ने भी स्वीकार किया कि उसके पास मौजूद चल-अचल संपत्ति सट्टेबाजी के धंधे से ही बनाई गई है।
झांसी एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि यह एक संगठित गिरोह है। पुलिस अब इनके 'फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज' (पुराने संपर्कों और भविष्य के नेटवर्क) की जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ सख्त गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है और उनकी अवैध रूप से अर्जित सभी संपत्तियों को कुर्क किया जाएगा। पुलिस ने इस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों-पप्पू, पंकज राय, सौरभ लिखधारी, सोनू चड्ढा, हरीश कुमार, आकाश चंचलानी, सुमित साहू, रोशन मुंशी और आशीष उपाध्याय की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं। एसएसपी ने इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम के लिए 25,000 रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है।
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