नए मतदाता पंजीकरण के लिए जारी हुए नए दिशा-निर्देश, ये विवरण हुआ अनिवार्य

खबर सार :-
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।  ​विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत, नए मतदाताओं को अब फॉर्म-6 के साथ कुछ अतिरिक्त विवरण देना अनिवार्य होगा।

नए मतदाता पंजीकरण के लिए जारी हुए नए दिशा-निर्देश, ये विवरण हुआ अनिवार्य
खबर विस्तार : -

झांसीः झाँसी विधानसभा क्षेत्र में निर्वाचक नामावली में नाम जुड़वाने के इच्छुक नागरिकों को अब पहले की तुलना में अधिक सटीक और विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, त्रुटिरहित और अद्यतन बनाना है।

नए मतदाताओं को फॉर्म-6 भरते समय अपना वर्तमान मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा। इसके साथ ही एक घोषणा-पत्र भी देना होगा, जिसमें आवेदक को यह स्पष्ट करना होगा कि दी गई सभी जानकारियाँ सत्य और सही हैं। आवेदन में नाम, पता और वर्तनी पूरी तरह शुद्ध होनी चाहिए। इसके अलावा एक नवीनतम और स्पष्ट पासपोर्ट साइज फोटो लगाना भी आवश्यक है।

घोषणा-पत्र में एक महत्वपूर्ण प्रावधान जोड़ा गया है। आवेदक को वर्ष 2003 की मतदाता सूची से स्वयं का या अपने परिवार के किसी सदस्य—जैसे माता-पिता, दादा-दादी आदि—का विवरण देना होगा। इसमें संबंधित विधानसभा क्षेत्र और भाग संख्या का उल्लेख भी आवश्यक है। यदि प्रस्तुत विवरण निर्वाचन रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता, तो संबंधित आवेदक को नोटिस जारी किया जा सकता है और सत्यापन की प्रक्रिया लंबी हो सकती है।

आवश्यक दस्तावेजों की बात करें तो आयु प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, हाईस्कूल या इंटरमीडिएट की मार्कशीट अथवा भारतीय पासपोर्ट में से कोई एक दस्तावेज मान्य होगा। वहीं निवास प्रमाण के लिए कम से कम एक वर्ष पुराना बिजली, पानी या गैस का बिल, आधार कार्ड, बैंक या डाकघर की पासबुक, पासपोर्ट अथवा किसान बही स्वीकार की जाएगी।

मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया दो तरीकों से पूरी की जा सकती है। ऑनलाइन माध्यम से पात्र नागरिक भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वहीं ऑफलाइन प्रक्रिया में फॉर्म-6 और घोषणा-पत्र को सही-सही भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपने संबंधित बीएलओ (BLO) या निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पास जमा किया जा सकता है।

इन नए दिशा-निर्देशों का पालन करके नागरिक न केवल अपने मताधिकार को सुनिश्चित कर सकते हैं, बल्कि लोकतंत्र को भी मजबूत बनाने में योगदान दे सकते हैं।

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