उन्नाव मामला: पीड़िता के पिता की मौत के केस में कुलदीप सेंगर की अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट मई में करेगा सुनवाई

खबर सार :-
उन्नाव मामला : दिल्ली हाई कोर्ट मई माह में कुलदीप सिंह सेंगर की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें उन्होंने पीड़िता के पिता की मौत मामले में मिली 10 साल की सजा को चुनौती दी है।

उन्नाव मामला: पीड़िता के पिता की मौत के केस में कुलदीप सेंगर की अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट मई में करेगा सुनवाई
खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की याचिका पर सुनवाई की रूपरेखा तैयार कर ली है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने निचली अदालत द्वारा दी गई 10 साल की सजा को चुनौती देने वाली सेंगर की अपील पर 15, 18, 19 और 20 मई को विस्तार से दलीलें सुनने का निर्णय लिया है।

 अदालती आदेश की पृष्ठभूमि

हाई कोर्ट का यह कदम उच्चतम न्यायालय के उस निर्देश के अनुपालन में है, जिसमें सेंगर की सजा के खिलाफ अपील का निपटारा तीन महीने के भीतर करने को कहा गया था। इसी समय सीमा को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने मई के महीने में चार दिन इस मामले की सुनवाई के लिए सुरक्षित रखे हैं। कानूनी प्रक्रिया के तहत, 16 दिसंबर 2019 को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर को पीड़िता के पिता की मौत के मामले में दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास और 10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। सेंगर ने इसी फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।

 हालिया न्यायिक घटनाक्रम

इसी महीने की 20 तारीख को जस्टिस नवीन चावला की बेंच ने पीड़िता की उस याचिका को सुनने से इनकार कर दिया था, जिसमें सेंगर की सजा को बढ़ाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने करीब 1,945 दिनों की देरी को आधार मानते हुए पीड़िता की अर्जी खारिज कर दी थी। वहीं, 19 जनवरी को जस्टिस रविंद्र डूडेजा की पीठ ने सेंगर की सजा को निलंबित करने की मांग वाली अंतरिम याचिका को यह कहते हुए खारिज किया था कि वह पहले ही अपनी सजा का एक बड़ा हिस्सा (लगभग साढे सात साल) जेल में काट चुके हैं। कोर्ट ने पूर्व में यह भी टिप्पणी की थी कि मामले की अंतिम सुनवाई में हो रही देरी का एक कारण कई अन्य याचिकाएं लंबित होना भी है।

 घटना का विवरण

यह मामला 2018 का है, जब दुष्कर्म पीड़िता के पिता की 9 अप्रैल को न्यायिक हिरासत के दौरान अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। आरोप था कि कुलदीप सेंगर के भाई और सहयोगियों ने उनके साथ मारपीट की थी, जिसके बाद उन्हें पुलिस हिरासत में लिया गया था। सेंगर को मुख्य दुष्कर्म मामले में पहले ही उम्रकैद की सजा मिल चुकी है। अब मई में होने वाली यह सुनवाई तय करेगी कि पीड़िता के पिता की मौत से जुड़े मामले में निचली अदालत का फैसला बरकरार रहता है या उसमें कोई बदलाव आता है।

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