Shivdaspura Toll Plaza Fake ID Card : शिवदासपुरा टोल पर फर्जीवाड़े का भंडाफोड़, पुलिस और प्रेस के नाम पर चल रहा था आई-कार्ड का अवैध खेल

खबर सार :-
Shivdaspura Toll Plaza Fake ID Card : चाकसू के शिवदासपुरा टोल प्लाजा पर फर्जी पुलिस और प्रेस कार्ड दिखाकर टोल बचाने वालों पर बड़ी कार्रवाई। प्रबंधन ने जब्त किए दर्जनों नकली आई-कार्ड, अब होगी पुलिस कार्रवाई।

Shivdaspura Toll Plaza Fake ID Card : शिवदासपुरा टोल पर फर्जीवाड़े का भंडाफोड़, पुलिस और प्रेस के नाम पर चल रहा था आई-कार्ड का अवैध खेल
खबर विस्तार : -

चाकसू: जयपुर-टोक हाईवे पर स्थित शिवदासपुरा टोल प्लाजा पर इन दिनों फर्जी पहचान पत्रों के जरिए टोल बचाने वाले गिरोह और व्यक्तियों के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। टोल प्रबंधन द्वारा चलाए गए एक विशेष औचक निरीक्षण अभियान के दौरान दर्जनों ऐसे संदिग्ध आई-कार्ड जब्त किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल अवैध रूप से टोल छूट प्राप्त करने के लिए किया जा रहा था। टोल प्लाजा पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और प्रबंधन ने जब वाहनों की गहनता से जांच की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कई वाहन चालक स्वयं को पुलिसकर्मी, पत्रकार या सरकारी अधिकारी बताकर धौंस जमाने की कोशिश कर रहे थे। जब उनसे उनके पहचान पत्रों की वास्तविकता पूछी गई और दस्तावेजों का मिलान किया गया, तो वे फर्जी पाए गए। जांच में न केवल पुलिस और प्रेस के नकली कार्ड मिले, बल्कि स्थानीय रियायत पाने के लिए आधार कार्ड की कूटरचित (एडिटेड) प्रतियां भी पकड़ी गईं। लोग टोल की मामूली राशि बचाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर कानून के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

प्रबंधन का कड़ा रुख: होगी कानूनी कार्रवाई

टोल प्रबंधन के लाइजनिंग मैनेजर अरविंद गौतम ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा, "हमें पिछले काफी समय से फर्जी आईडी दिखाकर निकलने वालों की शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान कई स्थानीय लोगों ने आधार कार्ड के साथ छेड़छाड़ कर उसे रियायत के लिए पेश किया। हमने इन सभी संदिग्ध दस्तावेजों को जब्त कर लिया है और संबंधित व्यक्तियों की सूची तैयार कर पुलिस को सौंपी जा रही है।" प्रबंधन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि टोल नियमों के तहत केवल अधिकृत श्रेणियों और वैध मूल दस्तावेजों पर ही छूट मान्य है। फोटोकॉपी या मोबाइल में दिखाए गए संदिग्ध दस्तावेजों को अब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आमजन के लिए चेतावनी

टोल प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े में न फंसें। फर्जी दस्तावेज बनाना और उनका उपयोग करना भारतीय न्याय संहिता के तहत एक गंभीर अपराध है। आगामी दिनों में भी यह जांच अभियान जारी रहेगा और पकड़े जाने पर वाहन चालक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया जाएगा।

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