बोतलबंद पानी में मिलावट और गंदगी: राजधानी की 29 इकाइयों पर एफएसडीए का कड़ा शिकंजा, 24 जगहों पर पाया गया गंभीर लापरवाही

खबर सार :-
एफएसडीए ने राजधानी की 29 बोतलबंद पानी इकाइयों पर कड़ी कार्रवाई शुरू की है। जांच में गंदगी और शोधन प्रक्रिया में खामियां पाई गई हैं, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर खतरा हो सकता है।

बोतलबंद पानी में मिलावट और गंदगी: राजधानी की 29 इकाइयों पर एफएसडीए का कड़ा शिकंजा, 24 जगहों पर पाया गया गंभीर लापरवाही
खबर विस्तार : -

लखनऊ : राजधानी में बिकने वाले बोतलबंद पानी की शुद्धता पर अब सवाल उठने लगे हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जांच में पता चला है कि मिनरल वाटर के नाम पर बिक रहे कई ब्रांडों में गंदगी और पानी के शोधन में खामियां पाई गई हैं। इस खामियानी की वजह से स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है, और अब प्रशासन ने इन 29 इकाइयों पर कड़ा शिकंजा कसने का निर्णय लिया है।

खराब सफाई और पैकेजिंग में कमियां

में कुल 29 बोतलबंद पानी की इकाइयों पर जांच की गई थी। इनमें से कुछ इकाइयों में शोधन और पैकेजिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी पाई गई। पांच इकाइयां तो मौके पर ही बंद पाई गईं, जबकि शेष चालू इकाइयों में मशीनों की नियमित सफाई का अभाव था। यही नहीं, कर्मचारियों की सुरक्षा संबंधी मानकों की भी अनदेखी की जा रही थी। जांच में सामने आया है कि ये इकाइयां मिनरल वाटर के निर्धारित मानकों की पूरी तरह से अनदेखीएफएसडीए विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राजधानी कर रही थीं। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। पानी के सही शोधन और पैकेजिंग न होने से बैक्टीरिया और अन्य हानिकारक तत्व पानी में मिल सकते हैं, जो गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

कड़ी कार्रवाई की तैयारी

एफएसडीए विभाग ने इन इकाइयों को नोटिस जारी किया है और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके लाइसेंस को निलंबित या निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी कहा है कि अगले चरण में पानी के नमूने लेकर उनका प्रयोगशाला में परीक्षण कराया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाली इकाइयों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। एफएसडीए विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं की सेहत से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कड़ी कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अन्य कंपनियां भी अपने मानकों में सुधार करेंगी और उपभोक्ताओं को शुद्ध पानी मिल सकेगा।

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