भीलवाड़ाः भीलवाड़ा जिले के मेवाड़ अंचल स्थित प्रमुख धार्मिक स्थल सिंगोली चारभुजा में गुरुवार से केंद्रीय नारकोटिक्स विभाग द्वारा अफीम खरीद का कार्य विधिवत रूप से शुरू हो गया है। माहेश्वरी समाज की धर्मशाला में अस्थायी तोल केंद्र स्थापित किया गया है, जहां पहले ही दिन बड़ी संख्या में अफीम उत्पादक किसान अपनी उपज लेकर पहुंचे और सुव्यवस्थित तरीके से तोल प्रक्रिया में शामिल हुए।
जिला अफीम अधिकारी एवं तोल केंद्र प्रभारी सुशील कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पहले दिन निंबोदा, हमेरगंज, बड़ोदिया, गुर्जरों का मोरवन, केवड़ों का लुहारिया, दौलतपुर निमड़ी, हाड़ों का मोरवन और बाघपुरा सहित आठ गांवों के कुल 192 किसानों से अफीम की खरीद की गई। उन्होंने बताया कि इस केंद्र पर भीलवाड़ा डिवीजन के अंतर्गत भीलवाड़ा जिले की मांडलगढ़, कोटड़ी, बिजौलियां और जहाजपुर तथा चित्तौड़गढ़ जिले की बेगूं और रावतभाटा तहसीलों के किसानों से भी अफीम खरीदी जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार इस तोल केंद्र पर करीब 300 गांवों के लगभग 6 हजार किसानों की अफीम खरीदी जानी है। यह खरीद अभियान 22 अप्रैल तक जारी रहेगा। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्र पर छाया, पेयजल, बैठने की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस वर्ष अफीम उत्पादक किसानों के लिए भुगतान प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले किसानों को उनकी उपज की 90 प्रतिशत राशि तुरंत उनके बैंक खातों में भेज दी जाती थी, जबकि शेष 10 प्रतिशत राशि गुणवत्ता जांच के बाद दी जाती थी। अब नई व्यवस्था के तहत किसानों को पूरी राशि एक सप्ताह के भीतर एकमुश्त उनके बैंक खातों में जमा कराई जाएगी, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
अफीम की खरीद पूरी तरह गुणवत्ता के आधार पर की जा रही है। विभाग द्वारा 850 रुपये से लेकर 3500 रुपये प्रति किलो तक की दर निर्धारित की गई है। तोल केंद्र पर ही एक अस्थायी प्रयोगशाला स्थापित की गई है, जहां 25 ग्राम सैंपल लेकर अफीम की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही अंतिम मूल्य तय किया जाता है।
सुरक्षा की दृष्टि से भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। राजस्थान पुलिस के चार सशस्त्र जवानों की तैनाती की गई है और पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। तोली गई अफीम को विशेष प्लास्टिक कैन में भरकर सुरक्षित स्थान पर रखा जा रहा है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे।
जिला अफीम अधिकारी रजत ने बताया कि इस वर्ष खरीदी गई अफीम को जांच के लिए नीमच भेजा जाएगा, जबकि पहले यह प्रक्रिया उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में होती थी। अधिकारियों के अनुसार आगामी दिनों में निर्धारित कार्यक्रम के तहत अन्य गांवों के किसानों से भी अफीम खरीदी जाएगी।
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