भविष्य की तैयारी में जुटी असम सरकार: गुवाहाटी के आसपास सरकारी जमीनों को सुरक्षित करने का बड़ा अभियान

खबर सार :-
असम सरकार का यह कदम भविष्य की विकास आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक रणनीतिक पहल माना जा रहा है। गुवाहाटी और आसपास की सरकारी जमीनों को सुरक्षित रखने से आने वाले समय में औद्योगिक, शैक्षणिक और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मजबूती मिल सकती है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का फोकस फिलहाल राजनीतिक चर्चाओं से हटकर दीर्घकालिक विकास और प्रशासनिक योजनाओं पर दिखाई दे रहा है।

भविष्य की तैयारी में जुटी असम सरकार: गुवाहाटी के आसपास सरकारी जमीनों को सुरक्षित करने का बड़ा अभियान
खबर विस्तार : -

Assam Government Land survey : असम सरकार ने राज्य के भविष्य के विकास को ध्यान में रखते हुए गुवाहाटी और उसके आसपास की सरकारी जमीनों को सुरक्षित रखने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार सरकारी जमीनों का व्यापक सर्वेक्षण कर रही है, ताकि आने वाले वर्षों में इनका उपयोग विकास परियोजनाओं, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक एस्टेट और सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण में किया जा सके।

जगीरोड विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि धरमतुल और आसपास के इलाकों में बड़ी मात्रा में सरकारी जमीन की पहचान की गई है। सरकार अब इन जमीनों को अतिक्रमण और अनियोजित उपयोग से बचाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है।

गुवाहाटी के आसपास बढ़ते दबाव के बीच सरकार सतर्क

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुवाहाटी के तेजी से फैलते शहरीकरण और रियल एस्टेट गतिविधियों के कारण सरकारी जमीनों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ये जमीनें भविष्य की सार्वजनिक जरूरतों के लिए सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा, “हम जागीरोड और धरमतुल जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध सरकारी जमीन की समीक्षा कर रहे हैं। यहां विभिन्न संस्थान, औद्योगिक इकाइयां, शैक्षणिक केंद्र और अन्य सरकारी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।” सरमा ने यह भी बताया कि करीब 300 बीघा सरकारी जमीन का निरीक्षण उन्होंने स्वयं किया है। उनका कहना था कि यदि अभी से इन जमीनों को संरक्षित नहीं किया गया, तो भविष्य में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

अभी परियोजना तय नहीं, संरक्षण पर पूरा फोकस

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इन जमीनों पर किसी विशेष परियोजना को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य अभी भूमि संरक्षण और दीर्घकालिक रणनीतिक योजना बनाना है। उन्होंने कहा, “अभी कोई ठोस परियोजना निर्धारित नहीं की गई है। हमारा लक्ष्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य की जरूरतों के लिए सरकारी जमीन सुरक्षित रहे।” राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार, हाल के महीनों में कई जिलों में सरकारी जमीनों की मैपिंग, डिजिटलीकरण और सुरक्षा संबंधी अभियान तेज किए गए हैं। विशेष रूप से गुवाहाटी महानगर क्षेत्र और मध्य असम के उन इलाकों पर ध्यान दिया जा रहा है, जहां शहरी विस्तार तेजी से हो रहा है। यह भी कहा कि चुनावी प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है और अब उनकी प्राथमिकता केवल शासन और विकास कार्य हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “चुनाव खत्म हो चुके हैं, अब मैं राजनीति पर बात नहीं करना चाहता।”

औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार समय रहते भूमि संरक्षण में सफल रहती है, तो आने वाले समय में असम में बड़े औद्योगिक निवेश, शैक्षणिक परिसरों और बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को गति मिल सकती है। जगीरोड क्षेत्र अपनी रणनीतिक स्थिति और राजधानी गुवाहाटी के नजदीक होने के कारण पहले ही निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार ने मध्य असम और गुवाहाटी क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई विकास योजनाओं की घोषणा की है। ऐसे में भूमि संरक्षण का यह कदम सरकार की दीर्घकालिक विकास नीति का हिस्सा माना जा रहा है।

अन्य प्रमुख खबरें