Ramdham ROB Project : रामधाम फाटक का झंझट खत्म! भीलवाड़ा में बनने जा रहा है भव्य 'H' शेप ओवरब्रिज, 116 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी

खबर सार :-
Ramdham ROB Project : भीलवाड़ा वासियों को ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत! चित्तौड़ रोड स्थित रामधाम फाटक पर 116 करोड़ की लागत से बनने वाले आधुनिक 'H' शेप रेलवे ओवरब्रिज (Ramdham ROB Project) को मिली मंजूरी। जानिए कब से शुरू होगा काम।

Ramdham ROB Project : रामधाम फाटक का झंझट खत्म! भीलवाड़ा में बनने जा रहा है भव्य 'H' शेप ओवरब्रिज, 116 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी
खबर विस्तार : -

भीलवाड़ा: राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक केंद्र भीलवाड़ा (Bhilwara) को जल्द ही सड़कों पर लगने वाले भारी जाम (Traffic Jam) से हमेशा के लिए आजादी मिलने वाली है। शहर के व्यस्ततम चित्तौड़ रोड स्थित रामधाम क्षेत्र के बाशिंदों और राहगीरों के लिए एक बेहद शानदार खबर सामने आई है। लंबे समय से अटके पड़े रामधाम रेलवे ओवरब्रिज (Ramdham ROB Project) के निर्माण को आखिरकार रेलवे बोर्ड की ओर से अंतिम मंजूरी दे दी गई है। लगभग 116 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार होने वाला यह ओवरब्रिज भीलवाड़ा के बुनियादी ढांचे (Bhilwara Infrastructure) को पूरी तरह बदल कर रख देगा। अधिकारियों के मुताबिक, इस बड़े प्रोजेक्ट की जमीनी शुरुआत अगले 6 महीनों के भीतर होने की पूरी उम्मीद है।

 सांसद की पैरवी रंग लाई, दूर होगी सालों पुरानी समस्या

रामधाम रेलवे फाटक पर ट्रेन आने-जाने के दौरान लगने वाला भीषण जाम भीलवाड़ा वासियों के लिए किसी सिरदर्द से कम नहीं था। फाटक बंद होते ही दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती थीं। इसके चलते न केवल आम जनता, बल्कि स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों और रोजमर्रा का कारोबार करने वाले व्यापारियों का भी कीमती समय बर्बाद होता था। इस गंभीर समस्या को दूर करने के लिए भीलवाड़ा के सांसद दामोदर अग्रवाल लगातार प्रयास कर रहे थे। सांसद और उनके सहयोगियों द्वारा रेल मंत्रालय के स्तर पर की गई मजबूत पैरवी का ही नतीजा है कि रेलवे बोर्ड ने इस Ramdham ROB Project को अपनी अंतिम सहमति दे दी है।

 लोहे के भारी गार्डर नहीं, नई तकनीक से बनेगा पुल

इस ओवरब्रिज (Bhilwara Infrastructure) की बनावट बेहद अनूठी और आधुनिक होगी। अक्सर देखा जाता है कि पुराने रेलवे पुलों में भारी-भरकम लोहे के गार्डर लगाए जाते हैं, जिससे नीचे का रास्ता संकरा और अंधेरा हो जाता है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। रामधाम में बनने वाला यह नया पुल पूरी तरह से लेटेस्ट कॉलम बेस तकनीक पर खड़ा किया जाएगा। पिलर (कॉलम) पर आधारित होने की वजह से यह पुल कहीं ज्यादा मजबूत और टिकाऊ साबित होगा। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पुल के नीचे की तरफ भी गाड़ियों के आने-जाने के लिए भरपूर जगह बची रहेगी और रोशनी की कोई कमी नहीं होगी।

 क्या है इस 'H' शेप डिजाइन की खासियत?

रेलवे सलाहकार समिति के सदस्यों के अनुसार, रामधाम क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और सड़कों की चौड़ाई को ध्यान में रखते हुए इस पूरे प्रोजेक्ट को 'H' शेप (आकार) में डिजाइन किया गया है। लगभग 750 मीटर की कुल लंबाई वाले इस टू-वे ओवरब्रिज की चौड़ाई बीच के हिस्से में 20 मीटर के करीब होगी, जिससे दोनों तरफ से वाहन बिना किसी रुकावट के गुजर सकेंगे। पुल पर चढ़ने और उतरने के लिए दोनों ओर करीब 280-280 मीटर का शानदार रैंप तैयार किया जाएगा।

रेलवे प्रशासन ने इस Ramdham ROB Project की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और बजट का खाका पहले ही फाइनल कर लिया था। अब बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद टेंडर जारी करने और वित्तीय मंजूरियों को तेजी से निपटाया जा रहा है। भीलवाड़ा के इस हिस्से में ओवरब्रिज बनते ही शहर की रफ्तार को एक नई उड़ान मिलेगी।

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