मुजफ्फरनगर में मौत के सौदागरों का पर्दाफाश! एक करोड़ की नशीली दवाइयों संग 3 गिरफ्तार, गोरखपुर से जुड़े हैं काले कारोबार के तार!
खबर सार :-
मुजफ्फरनगर की खालापार पुलिस ने 'ऑपरेशन सवेरा' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ रुपये की नशीली दवाइयों के साथ 3 तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 11 लाख से अधिक प्रतिबंधित Tramadol capsules और एक कार बरामद की है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
खबर विस्तार : -
मुजफ्फरनगर : (Muzaffarnagar) जिले की खालापार थाना पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन सवेरा" (Operation Savera) के तहत पुलिस टीम ने नशीली दवाइयों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन शातिर तस्करों को रंगे हाथों दबोचने में कामयाबी हासिल की है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने प्रतिबंधित नशीली दवाओं की एक विशाल खेप बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस की इस सफलता ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय ड्रग माफियाओं की कमर तोड़ कर रख दी है।
चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ी संदिग्ध कार
यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (Senior Superintendent of Police) संजय कुमार वर्मा के कुशल मार्गदर्शन में चलाई जा रही सघन चेकिंग के दौरान अमल में आई। क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ के. मिश्रा और थाना प्रभारी बबलू सिंह वर्मा के नेतृत्व में खालापार पुलिस की एक टीम गहरा बाग मार्ग पर संदिग्ध वाहनों की कड़ाई से जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने एक चमचमाती हुंडई एक्सटर कार को रुकने का इशारा किया, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर HR10AW9950 था। पुलिस को देखते ही कार के भीतर बैठे लोग सकपका गए और भागने की कोशिश करने लगे। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी की और कार को रोक लिया। जब गाड़ी की तलाशी ली गई, तो पुलिस के होश उड़ गए। कार की डिग्गी और पिछली सीट पर दो बड़े कार्टून रखे हुए थे।
पूछताछ में टूटे आरोपी, खुला मौत के गोदाम का राज
कार में सवार दोनों युवकों से जब उन कार्टूनों के बारे में पूछा गया, तो वे हकबका गए और संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। पुलिस ने जब थोड़ी सख्ती दिखाई, तो दोनों आरोपी टूट गए। उन्होंने अपनी पहचान अश्वनी शर्मा (निवासी खतौली) और विनोद कुमार (निवासी दयालपुरम) के रूप में बताई। दोनों ने कुबूल किया कि कार्टूनों के अंदर भारी मात्रा में प्रतिबंधित Tramadol capsules (ट्रामाडोल कैप्सूल) भरे हुए हैं, जिन्हें वे युवाओं को नशे के रूप में ऊंचे दामों पर बेचने जा रहे थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों ने पुलिसिया पूछताछ में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे महज मोहरे हैं और उनका पूरा एक संगठित गिरोह (Organized gang) है, जो बड़े पैमाने पर इस अवैध धंधे को संचालित कर रहा है। आरोपियों ने बताया कि नशीली दवाओं की यह खेप गोरखपुर से मंगवाई जाती थी और फिर इसे मुजफ्फरनगर सहित आसपास के कई जिलों में छोटे-छोटे तस्करों को सप्लाई किया जाता था।
खंडहर पर छापा और तीसरे मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी
पकड़े गए तस्करों की निशानदेही पर पुलिस ने बिना वक्त गंवाए सुजडू गांव के पास स्थित एक सुनसान और खंडहरनुमा गोदाम (Dilapidated warehouse) पर छापा मारा। पुलिस की इस औचक दबिश से वहां मौजूद तीसरे आरोपी को संभलने का मौका भी नहीं मिला। पुलिस ने मौके से यशपाल ग्रोवर नाम के एक और मुख्य तस्कर को दबोच लिया, जो गांधी कॉलोनी का रहने वाला है। जब इस खंडहरनुमा गोदाम की तलाशी ली गई, तो पुलिस टीम के पैरों तले से जमीन खिसक गई। गोदाम के अंदर छिपाकर रखे गए 52 और बड़े कार्टून बरामद हुए।
बाजार में एक करोड़ की कीमत, युवाओं को बनाया जा रहा था निशाना
पुलिस ने कार और गोदाम से कुल मिलाकर 54 कार्टून जब्त किए हैं। इन कार्टूनों के अंदर स्पासमोर कंपनी के प्रतिबंधित Tramadol capsules भरे हुए थे। गिनती करने पर कुल 11,66,400 नशीले कैप्सूल बरामद हुए हैं। चिकित्सा जगत में इस दवा को बेहद कड़े नियमों के तहत ही बेचने की अनुमति है, लेकिन ड्रग माफिया इसका इस्तेमाल युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने के लिए कर रहे थे। इतनी बड़ी तादाद में इन Tramadol capsules की बरामदगी इस बात का सबूत है कि मुजफ्फरनगर और उसके आसपास के इलाकों की युवा पीढ़ी को किस कदर खोखला करने की साजिश रची जा रही थी। बरामद की गई इन दवाइयों की बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये है।
पुलिस टीम को मिला नकद पुरस्कार
इस बड़ी कामयाबी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम की पीठ थपथपाई जा रही है। पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन ने बताया कि यह मुजफ्फरनगर पुलिस की नशे के सौदागरों पर एक बहुत बड़ी चोट है। इस सराहनीय और उत्कृष्ट कार्य को अंजाम देने वाली पूरी खालापार पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए अधिकारियों द्वारा 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) और अन्य संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि गोरखपुर में बैठा वह कौन सा मुख्य सप्लायर है, जो इस गिरोह को इतनी भारी मात्रा में प्रतिबंधित Tramadol capsules की खेप पहुंचा रहा था।
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