Bharatmala Project CG: ईडी की छापेमारी में 66 लाख कैश समेत 37 किलो चांदी बरामद, 8 स्थानों पर दी दबिश

खबर सार :-
Bharatmala Project CG: ​​​​​​​भारतमाला परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ में रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे के निर्माण के लिए हुए भूमि अधिग्रहण मामले में मुआवजा घोटाला सामने आया है। ईडी ने छापेमारी में नकदी व चांदी के साथ ही जरूरी कागजात बरामद किए।

Bharatmala Project CG: ईडी की छापेमारी में 66 लाख कैश समेत 37 किलो चांदी बरामद, 8 स्थानों पर दी दबिश
खबर विस्तार : -

Bharatmala Project CG: मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़े एक मुआवजा घोटाले के संबंध में बड़ी कार्रवाई की। यह परियोजना छत्तीसगढ़ में 'भारतमाला परियोजना' के तहत चलाई जा रही है। रायपुर, अभनपुर, धमतरी और कुरुद में आठ से ज्यादा जगहों पर की गई छापेमारी के दौरान ED ने भारी मात्रा में नकदी, चांदी और जरूरी दस्तावेज जब्त किए।

प्रवर्तन निदेशालय के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार, 27 और 28 अप्रैल को किए गए इन ऑपरेशनों में जमीन डीलर गोपाल गांधी, भूपेंद्र चंद्राकर (पूर्व मंत्री और वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर के चचेरे भाई) और चावल मिलर रोशन चंद्राकर के ठिकानों पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ एक FIR भी दर्ज की गई।

8 स्थानों पर की छापेमारी

ED के अनुसार, छापेमारी के दौरान लगभग 66.9 लाख रुपये नकद और 37 किलोग्राम से ज्यादा चांदी बरामद की गई। इसके अलावा कई डिजिटल उपकरण और अहम दस्तावेज भी जब्त किए गए। प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, मंगलवार को छत्तीसगढ़ के अभनपुर, रायपुर, धमतरी और कुरुद में स्थित आठ जगहों पर तलाशी अभियान चलाए गए। ये तलाशी अभियान रायपुर-विशाखापत्तनम राजमार्ग परियोजना (जो भारतमाला योजना के अंतर्गत आती है) के लिए भूमि अधिग्रहण के बदले धोखाधड़ी से मुआवजा प्राप्त करने से जुड़े एक मामले के सिलसिले में किए गए थे।

सरकारी कर्मचारियों के साथ रची साजिश

ED की जांच में पता चला कि आरोपियों ने कुछ सरकारी कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची और धोखाधड़ी से जरूरत से ज्यादा मुआवजा हासिल किया। यह मामला शुरू में छत्तीसगढ़ के आर्थिक अपराध विंग (EOW) और ACB द्वारा दर्ज किया गया था। चूंकि इस मामले में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग शामिल है, इसलिए ED ने 'मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम' (PMLA) के तहत अपनी जांच शुरू कर दी है।

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