Azam Khan Jauhar Trust Resignation : आजम खान परिवार का बड़ा फैसला, जौहर ट्रस्ट की कमान अब नई पीढ़ी के हाथ

खबर सार :-
रामपुर के जौहर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव! आजम खान, तंजीन फातिमा और अब्दुल्ला आजम ने दिया इस्तीफा। अब बहन निकहत अफ़लाक और बेटे अदीब आजम संभालेंगे यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट की जिम्मेदारी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

Azam Khan Jauhar Trust Resignation : आजम खान परिवार का बड़ा फैसला, जौहर ट्रस्ट की कमान अब नई पीढ़ी के हाथ
खबर विस्तार : -

रामपुर: उत्तर प्रदेश की राजनीति में दशकों तक दबदबा रखने वाले समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता मोहम्मद आजम खान ने अपने सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट' को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सलाखों के पीछे से अपनी विरासत और शैक्षिक संस्थानों को बचाने की जद्दोजहद के बीच, आजम खान और उनके परिवार ने ट्रस्ट के सभी आधिकारिक पदों से त्यागपत्र दे दिया है।

 Azam Khan Jauhar Trust Resignation : क्यों बदला गया नेतृत्व?

बीते काफी समय से आजम खान, उनकी पत्नी डॉ. तंजीन फातिमा और छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम कानूनी कानूनी दांव-पेच और जेल में होने के कारण ट्रस्ट की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका नहीं निभा पा रहे थे। जौहर यूनिवर्सिटी और रामपुर पब्लिक स्कूल जैसे संस्थानों के सुचारू संचालन में आ रही प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने के लिए यह बड़ा बदलाव किया गया है। वर्तमान में इस ट्रस्ट पर करीब 30 से अधिक मुकदमे लंबित हैं, जिससे इसकी संपत्तियों और संचालन पर सीधा प्रभाव पड़ रहा था।

Azam Khan Jauhar Trust Resignation : नई कार्यकारिणी का गठन: किसे मिली क्या जिम्मेदारी?

ट्रस्ट के अस्तित्व को बचाए रखने के लिए अब बागडोर आजम खान की बहन निकहत अफ़लाक को सौंपी गई है, जिन्हें नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, आजम खान के बड़े बेटे अदीब आजम अब सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे।

नई टीम में अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी नियुक्तियां की गई हैं:

मुश्ताक अहमद सिद्दीकी: उपाध्यक्ष
नसीर अहमद खान: संयुक्त सचिव
जावेद उर रहमान खान: कोषाध्यक्ष

Azam Khan Jauhar Trust Resignation  : संस्थानों के भविष्य पर नजर

जानकारों का मानना है कि आजम खान का यह कदम एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। परिवार के मुख्य सदस्यों के जेल में होने से कागजी और वित्तीय कार्यों में आ रही अड़चनों को अब नई कार्यकारिणी के माध्यम से हल करने की कोशिश की जाएगी। जौहर यूनिवर्सिटी, जो आजम खान का 'ड्रीम प्रोजेक्ट' रही है, उसे मुकदमों के भंवर से निकालकर फिर से पटरी पर लाना नई टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।

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