आस्था के दायरे में सख्ती: अयोध्या में राम मंदिर क्षेत्र के आसपास नॉनवेज डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध

खबर सार :-
अयोध्या में राम मंदिर और पंचकोशी परिक्रमा मार्ग के आसपास नॉनवेज भोजन की बिक्री और ऑनलाइन डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। नियम तोड़ने पर होटल और होम स्टे का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।

आस्था के दायरे में सख्ती: अयोध्या में राम मंदिर क्षेत्र के आसपास नॉनवेज डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध
खबर विस्तार : -

अयोध्या: राम मंदिर परिसर और पंचकोशी परिक्रमा मार्ग के आसपास खाद्य नियमों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। धार्मिक मर्यादाओं और श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अब इस पूरे क्षेत्र में नॉनवेज भोजन की बिक्री ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन माध्यम से उसकी डिलीवरी पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने होटल, गेस्ट हाउस, होम स्टे और ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों को इस फैसले की आधिकारिक जानकारी दे दी है।

सहायक खाद्य आयुक्त मानिक चंद्र सिंह के अनुसार, राम मंदिर क्षेत्र में पहले से ही मांसाहारी भोजन की बिक्री प्रतिबंधित है, लेकिन हाल के दिनों में शिकायतें सामने आई थीं कि कुछ होटल और होम स्टे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए नॉनवेज मंगवाकर पर्यटकों को परोस रहे हैं। इसी को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने नियमों को और स्पष्ट करते हुए ऑनलाइन डिलीवरी पर भी रोक लगाने का आदेश जारी किया है। यह निर्देश 8 जनवरी से प्रभावी हो गया है। सभी संबंधित व्यवसायों को चेतावनी दी गई है कि यदि नियमों का उल्लंघन किया गया तो संबंधित होटल या प्रतिष्ठान का लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है। साथ ही, दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि पूरे मामले की नियमित निगरानी की जाएगी और जरूरत पड़ने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

इस फैसले के बाद शहर में एक नई बहस भी शुरू हो गई है। जहां एक ओर कई लोग इसे अयोध्या की धार्मिक गरिमा बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना है कि खानपान का चुनाव व्यक्ति की निजी स्वतंत्रता से जुड़ा मामला है। इसके बावजूद प्रशासन का मानना है कि आस्था से जुड़े क्षेत्रों में विशेष नियम लागू करना आवश्यक है, ताकि श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस न पहुंचे। फिलहाल अयोध्या में आने वाले पर्यटकों और कारोबारियों को इन नए नियमों के अनुरूप ही अपने खानपान और सेवाओं की व्यवस्था करनी होगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि धार्मिक क्षेत्र की मर्यादा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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