मराठी पढ़ने में गलती पर विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मांगी माफी, संजय राउत ने की निलंबन की मांग
खबर सार :-
महाराष्ट्र विधानसभा में मराठी भाषा में शोक प्रस्ताव पढ़ते समय विधानसभा अध्यक्ष की गलतियों पर सांसद संजय राउत ने सवाल उठाए हैं। संजय राउत ने उनके निलंबन की मांग की। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने अपनी गलतियों पर माफी मांगी है।
खबर विस्तार : -
मुंबई: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर द्वारा मराठी में टेक्स्ट पढ़ते समय की गई गलतियों पर तीखी आलोचना की है। वहीं, राहुल नार्वेकर ने बुधवार को विधानसभा में सफाई दी।
राउत ने बुधवार को कहा कि अगर राज्य में आम जनता पर मराठी भाषा को लेकर कड़े नियम लागू किए जाते हैं, तो वही नियम विधानसभा स्पीकर पर भी लागू होने चाहिए। उन्होंने मांग की कि राहुल नार्वेकर को सस्पेंड किया जाए। बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र की पहचान उसकी मराठी भाषा और संस्कृति से है। उन्होंने बताया कि राज्य में मराठी को बढ़ावा देने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और कई क्षेत्रों में इस भाषा का ज्ञान अनिवार्य बनाने की कोशिशें हो रही हैं।
प्रस्ताव पढ़ते समय गलतियां करना गंभीर मामला
सांसद ने आरोप लगाया कि ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों, दुकानदारों, सड़क किनारे सामान बेचने वालों और अन्य आम नागरिकों पर मराठी सीखने का दबाव डाला जाता है और अगर उन्हें भाषा में महारत हासिल न हो तो उनकी आजीविका खतरे में पड़ सकती है। राउत ने कहा कि ऐसे माहौल में, विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर द्वारा सदन में शोक प्रस्ताव पढ़ते समय की गई कई गलतियां एक गंभीर मामला हैं।
‘कुछ ही मिनटों में की 40 से ज्यादा गलतियां’
राउत के अनुसार, मंगलवार को प्रस्ताव पेश करते समय नार्वेकर साफ-साफ लिखे मराठी टेक्स्ट को सही ढंग से नहीं पढ़ पाए और कुछ ही मिनटों में 40 से ज्यादा गलतियां कर दीं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आम लोगों पर मराठी को लेकर कड़े नियम थोपे जाते हैं, तो संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के लिए अलग नियम क्यों होने चाहिए? व्यंग्य करते हुए राउत ने कहा कि अपने सरनेम के आधार पर राहुल नार्वेकर को "नॉर्वे का निवासी" कहा जा सकता है (यानी वे बाहरी हैं); इसलिए, मराठी भाषा के लिए तय नियमों के अनुसार उन्हें तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए। हालांकि, इस टिप्पणी को राजनीतिक व्यंग्य के तौर पर देखा जा रहा है।
पूर्व मेयर बोलीं- आत्ममंथन करें राहुल नार्वेकर
मुंबई की पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर ने भी इस विवाद पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि विधानसभा स्पीकर पहली कक्षा के स्तर की मराठी भी ठीक से नहीं पढ़ पाए। पेडनेकर ने कहा कि इस घटना के बाद राहुल नार्वेकर को आत्म-मंथन करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
राहुल बोले- छोटे अक्षरों में लिखा था प्रस्ताव
विवाद बढ़ने के बाद, राहुल नार्वेकर ने बुधवार को विधानसभा में सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि मंगलवार को सदन में कुल 12 शोक प्रस्ताव पेश किए जाने थे, और इन प्रस्तावों का लेख बहुत छोटे अक्षरों में लिख था, जिसकी वजह से गलतियां हुईं। नार्वेकर ने साफ किया कि उन्हें मराठी भाषा पर गर्व है और उन्होंने हमेशा मराठी भाषा और संस्कृति का सम्मान किया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले भी कई बार मराठी में कार्यवाही का संचालन किया है, जिसमें प्रस्ताव पेश करना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि यह गलती अनजाने में हुई और इसके लिए उन्होंने राज्य की जनता से माफ़ी मांगी। उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए खास सावधानी बरती जाएगी।
ये भी पढ़ेंः- Operation Tiger: शिवसेना यूबीटी के 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल, बदला लोकसभा समीकरण
अन्य प्रमुख खबरें
-
2026-06-24
-
2026-06-23
-
पंजाब में भाजपा का बड़ा मिशन: सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी, नितिन नवीन ने दिए ये निर्देश
2026-06-22
-
Operation Tiger: शिवसेना यूबीटी के 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल, बदला लोकसभा समीकरण
2026-06-22
-
2026-06-22
-
2026-06-22
-
2026-06-22
-
Shiv sena Split : शिवसेना UBT में फूट! उद्धव ठाकरे को झटका, शिंदे गुट में जा सकते हैं सांसद
2026-06-22
-
2026-06-21
-
2026-06-21
-
संजय राउत का भाजपा-शिंदे पर हमला, बोले- राजनीतिक लाभ के लिए कराई जा रही ‘बगावत’
2026-06-21
-
2026-06-20
-
फाल्टा थाना हमले में 10 और गिरफ्तार, बंगाल सरकार का ऐलान, जब्त होगी संपत्ति
2026-06-19
-
राम मंदिर चढ़ावा विवाद: योगी बोले- एसआईटी करेगी ‘दूध का दूध, पानी का पानी’, बस थोड़ा...
2026-06-19
-
2026-06-18