पुरुषों में बढ़ रहा ओरल कैंसर, ICMR ने दी बड़ी चेतावनी

खबर सार :-
भारत में पुरुषों में ओरल कैंसर का खतरा दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही चला जा रहा है। हालांकि समय रहते इसकी जांच और लाइफ स्टाइल में कुछ बदलाव से इसके खतरे को कम किया जा सकता है।

पुरुषों में बढ़ रहा ओरल कैंसर, ICMR ने दी बड़ी चेतावनी
खबर विस्तार : -

Health update: आज कल की लाइफ स्टाइल के बदलते माहौल में कैंसर का खतरा दिन ब दिन बढ़ता ही चला जा रहा है। ICMR और ग्लोबोकैन जैसे अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार 1990 से 2019 के बीच भारत में सर्वाइकल कैंसर के मामले में 21 प्रतिशत की कमी देखी गई और मृत्यु दर में लगभग 32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन एक नए रिसर्च के मुताबिक अन्य देशों के अलावा भारत में पुरुषों के मुंह के कैंसर के मामले ज्यादा बढ़ गए हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)  के अनुसार 1998 से 2017 के बीच पुरुषों में ओरल कैंसर की घटनाएं हर साल 1.20 % की वृद्धि दर्ज की गई है।

ICMR के आकड़े

जर्नल ऑफ पब्लिक हेल्थ में पब्लिश स्टडी द्वारा पता चला है कि अन्य देशों के मुकाबले भारत में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और पुरुषों में ओरल कैंसर के खतरे लगातर बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही पुरुषों और महिलाओं में ओरल कैंसर की दर 40 साल तक के लोगों में समान होती है। एक और आंकड़े के मुताबिक भारत में ओरल कैंसर की औसत दर प्रति 1 लाख में लगभग 10.4 है, लेकिन पुरुषों में यह दर महिलाओं से ज्यादा है। इसके अधिकतर केस उत्तर- पूर्व, उत्तर- प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में मिले हैं।

इसका कारण क्या है

ओरल कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू, सिगरेट, बीड़ी, गुटखा- पान और शराब का सेवन करना है। रिसर्च के अनुसार भारत में ओरल कैंसर का सबसे बड़ा फार्म स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा है, जो कुल मामलों का 90 प्रतिशत है। ICMR NINE के अनुसार 2024 तक भारत में 15 लाख नए मामले और 8 लाख 74 हजार 404 मौत दर्ज की गई और ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि 2045 तक प्रतिवर्ष 24.6 लाख नए मामले बढ़ सकते हैं।

इसका बचाव क्या है

 डाक्टरों के मुताबिक ओरल कैंसर से बचने का सबसे बड़ा तरीका यह है कि तंबाकू, शराब और किसी भी तरह के गुटखे से पूरी तरह छुटकारा पाना है। इसके साथ ही किसी भी तरह के छाले, दरार धब्बों को बिल्कुल भी नजरअंदाज मत करना। समय-समय पर डेंटिस्ट या ओंकोलॉजिस्ट से जांच कराते रहना चाहिए।

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