गर्मियों में भी कमाल करती है लौंग: जानें कैसे बन सकती है Natural Cooler, लू, डिहाइड्रेशन और पाचन संबंधी समस्याओं में भी असरदार

खबर सार :-
लौंग सिर्फ सर्दियों का मसाला नहीं, बल्कि गर्मियों में भी सेहत का साथी बन सकती है। सही मात्रा और उचित तरीके से सेवन करने पर यह डिहाइड्रेशन, पाचन समस्याओं और मुंह की दुर्गंध से राहत दिला सकती है। आयुर्वेद के अनुसार, यह शरीर के दोषों को संतुलित कर प्राकृतिक ठंडक प्रदान करती है। हालांकि अधिक सेवन से बचना जरूरी है।

गर्मियों में भी कमाल करती है लौंग: जानें कैसे बन सकती है Natural Cooler, लू, डिहाइड्रेशन और पाचन संबंधी समस्याओं में भी असरदार
खबर विस्तार : -

Health Benefits: आमतौर पर लौंग को सर्दियों का मसाला माना जाता है, क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है और यह सर्दी-खांसी में राहत देती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही छोटी सी लौंग गर्मियों में भी शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है? अगर सही तरीके से इसका सेवन किया जाए तो यह लू, डिहाइड्रेशन, मुंह की दुर्गंध और पाचन समस्याओं से बचाने में मददगार साबित हो सकती है।

आयुर्वेद में ‘देवपुष्प’ का दर्जा

आयुर्वेद में लौंग को ‘देवपुष्प’ कहा गया है। इसकी तासीर भले ही गर्म मानी जाती है, लेकिन इसमें मौजूद विशेष गुण शरीर को संतुलित रखने का काम करते हैं। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, लौंग कफ, पित्त और रक्त दोष को नियंत्रित करने में सहायक होती है। सही मात्रा और सही समय पर सेवन करने से यह शरीर में बढ़ती गर्मी को नियंत्रित कर सकती है।

प्यास और डिहाइड्रेशन में राहत

गर्मियों में बार-बार प्यास लगना और शरीर में पानी की कमी होना आम समस्या है। लौंग का सेवन करने से मुंह में लार का उत्पादन बढ़ता है, जिससे सूखापन कम होता है। यह शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखने में सहायक हो सकती है। रात में 1-2 लौंग पानी में भिगोकर सुबह उसका सेवन करने से लाभ मिल सकता है।

मुंह की दुर्गंध से छुटकारा

गर्म मौसम में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे मुंह की दुर्गंध की समस्या बढ़ जाती है। लौंग में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण बैक्टीरिया को कम करने में मदद करते हैं। भोजन के बाद एक लौंग चबाने से ओरल हाइजीन बेहतर रहती है और सांसों की बदबू कम हो सकती है।

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पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त

गर्मी में अक्सर पाचन अग्नि कमजोर हो जाती है, जिससे भारी भोजन पचने में परेशानी होती है। लौंग जठराग्नि को संतुलित कर भोजन को आसानी से पचाने में मदद करती है। इसके सेवन से गैस, अपच और पेट दर्द जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है।

‘यूजेनॉल’ का जादुई असर

लौंग में ‘यूजेनॉल’ नामक तत्व पाया जाता है, जो एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है। यह तत्व शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है और सूजन को कम करने में सहायक है। यही कारण है कि आयुर्वेद में लौंग को नेचुरल कूलिंग एजेंट की तरह भी देखा जाता है।

आंखों और मानसिक शांति के लिए लाभकारी

हमारे आस-पास रहने वाले बहुत कम लोग जानते हैं कि लौंग आंखों के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार, यह आंखों की जलन और थकान को कम करने में सहायक हो सकती है। साथ ही इसकी खुशबू मानसिक तनाव को कम करने में भी मदद करती है।

लौंग का सेवन करने का सही तरीका क्या है?

लौंग का सेवन सही तरीके से करें, तो वह अत्यंत लाभकारी साबित होता है। रात में 1-2 लौंग पानी में भिगोकर रख दें। इसके बाद अगले दिन सुबह खाली पेट सेवन करें। गर्मी के मौसम में मिश्री के साथ लौंग लेने से शरीर को ठंडक मिलती है। रोजाना भोजन करने के बाद एक लौंग चबाना फायदेमंद होता है। लौंग का अधिक मात्रा में सेवन करने से बचें, क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है। विशेषज्ञों की मानें तो सीमित मात्रा में लौंग का सेवन गर्मियों में शरीर को संतुलित रखने में सहायक हो सकता है। हालांकि किसी भी गंभीर बीमारी या एलर्जी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

 

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