रोहित शेट्टी फायरिंग केस: आरोपियों पर कसा 'मकोका' का शिकंजा, 17 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में रहेंगे हमलावर

खबर सार :-
रोहित शेट्टी फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस ने पांच आरोपियों पर मकोका लगाया है। कोर्ट ने आरोपियों की कस्टडी 17 फरवरी तक बढ़ा दी है। जानें क्या है शुभम लोनकर की बड़ी साजिश।

रोहित शेट्टी फायरिंग केस: आरोपियों पर कसा 'मकोका' का शिकंजा, 17 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में रहेंगे हमलावर
खबर विस्तार : -

मुंबई: बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के आवास के बाहर हुई गोलीबारी की घटना ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। मुंबई पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पकड़े गए पांचों आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को विशेष मकोका अदालत ने आरोपियों की हिरासत अवधि बढ़ाते हुए उन्हें 17 फरवरी तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है।

मकोका लगने से बढ़ीं आरोपियों की मुश्किलें

मुंबई क्राइम ब्रांच ने अदालत में दलील दी कि यह महज एक साधारण फायरिंग की घटना नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित संगठित अपराध था। मकोका एक बेहद सख्त कानून है, जिसे विशेष रूप से अंडरवर्ल्ड, गैंगवार और जबरन वसूली जैसे संगठित अपराधों को रोकने के लिए बनाया गया है। इस कानून के लागू होने के बाद अब आरोपियों के लिए जमानत पाना लगभग नामुमकिन हो जाएगा और पुलिस को जांच के लिए अधिक शक्तियां प्राप्त होंगी।

कोर्ट ने 17 फरवरी तक बढ़ाई रिमांड

बुधवार को आरोपियों की पिछली कस्टडी समाप्त होने पर उन्हें स्पेशल मकोका कोर्ट में पेश किया गया। जांच अधिकारियों ने साजिश की तह तक जाने के लिए 15 दिनों की अतिरिक्त कस्टडी की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने तथ्यों को परखते हुए 17 फरवरी तक की पुलिस कस्टडी मंजूर की है। पुलिस का मानना है कि इस अवधि में कई अन्य बड़े खुलासे हो सकते हैं।

क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा: "मुंबई में कुछ बड़ा करना है"

जांच के दौरान मुंबई क्राइम ब्रांच के हाथ कई चौंकाने वाले सबूत लगे हैं। मामले का मुख्य सूत्रधार और फरार आरोपी शुभम लोनकर इस पूरी साजिश के पीछे का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, शुभम लोनकर मुंबई में दहशत का माहौल पैदा करने की फिराक में था। उसने गिरफ्तार आरोपियों से स्पष्ट तौर पर कहा था कि "मुंबई में कुछ बड़ा करना है"।

डिजिटल साक्ष्य और हथियारों की सप्लाई का फैला जाल

मुंबई क्राइम ब्रांच की गहन तफ्तीश में इस पूरी साजिश के डिजिटल और जमीनी साक्ष्य एक-एक कर सामने आ रहे हैं। जांच अधिकारियों ने खुलासा किया है कि आरोपी पुलिस की नजरों से बचने के लिए बेहद शातिर तरीके अपना रहे थे। आपसी संवाद के लिए ये आरोपी सामान्य फोन कॉल के बजाय 'सिग्नल ऐप' जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे थे, ताकि उनकी बातचीत को ट्रैक न किया जा सके। इतना ही नहीं, इस हमले को अंजाम देने के लिए वित्तीय मदद भी मुहैया कराई गई थी। फरार मास्टरमाइंड शुभम लोनकर ने गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी के बैंक खाते में 40 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की थी। हथियारों के बंदोबस्त की बात करें तो शुभम ने अपने भाई प्रवीण लोनकर का सहारा लिया, जिसने आरोपियों तक तीन घातक हथियार पहुँचाए थे। पुलिस अब प्रवीण लोनकर से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इन हथियारों के स्रोत और बड़ी साजिश के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब किया जा सके।

साजिश की गहराई की जांच जारी

मुंबई पुलिस ने घटना के तुरंत बाद 12 विशेष टीमों का गठन किया था, जिसकी तत्परता के कारण पांचों आरोपी सलाखों के पीछे पहुँच सके। अब पुलिस का पूरा ध्यान फरार शुभम लोनकर की गिरफ्तारी पर है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रवीण लोनकर से पूछताछ में इस बात का पता लगाया जाएगा कि इस साजिश के तार और किन बड़े गिरोहों से जुड़े हुए हैं। रोहित शेट्टी जैसे हाई-प्रोफाइल व्यक्तित्व को निशाना बनाने के पीछे का असली मकसद क्या था, इसका खुलासा होना अभी बाकी है। फिलहाल, मुंबई क्राइम ब्रांच ने अपनी छापेमारी और निगरानी और तेज कर दी है।

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