Sonu Sood-Rajpal Yadav: बॉलीवुड के दिग्गज कॉमेडियन राजपाल यादव लंब समय से हिंदी सिनेमा में दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। हालांकि इस समय एक्टर आर्थिक तंगी से भी जूझ रहे हैं और 5 करोड़ का लोन न चुका पाने की वजह से तिहाड़ जेल में बंद हैं। 6 फरवरी को कोर्ट के आदेश के बाद राजपाल यादव ने सरेंडर कर दिया था। सरेंडर करने से पहले उन्होंने अपनी आर्थिक परेशानियों और अकेलेपन के बारे में खुलकर बताया था। अब एक्टर सोनू सूद ने दरियादिली दिखाते हुए राजपाल यादव की मदद को आगे आए हैं और बाकी इंडस्ट्री से एकजुटता की अपील की है।
समाज सेवा में अहम योगदान देने वाले सोनू सूद (Sonu Sood) ने अब इंडस्ट्री के लोगों की मदद करने का फैसला किया है। एक्टर को इस बात का बहुत दुख है कि जिस एक्टर ने दशकों तक सभी का मनोरंजन किया है, वह पैसे की तंगी से जूझ रहा है और जेल में है। राजपाल यादव का सपोर्ट करते हुए सोनू सूद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, "राजपाल यादव एक टैलेंटेड एक्टर हैं जिन्होंने इतने सालों में हमारी इंडस्ट्री में कभी न भूलने वाला योगदान दिया है। कभी-कभी ज़िंदगी टैलेंट की वजह से नहीं, बल्कि समय की बेरहमी की वजह से गलत होती है।"
उन्होंने आगे लिखा, "वह मेरी फिल्म का हिस्सा होंगे, और मेरा मानना है कि यह हम सभी के लिए—प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और साथ काम करने वालों के लिए—एक साथ आने का पल है। भविष्य के काम के लिए एडजस्ट किया गया एक छोटाी सी सी साइनिंग राशि दान नहीं, बल्कि सम्मान है। जब हमारा कोई अपना मुश्किल समय से गुज़र रहा हो, तो इंडस्ट्री को उन्हें याद दिलाना चाहिए कि वे अकेले नहीं हैं। इस तरह हम दिखा सकते हैं कि हम सिर्फ एक इंडस्ट्री से कहीं ज़्यादा हैं।"
बता दें कि राजपाल यादव इस समय तिहाड़ जेल में हैं। जेल में सरेंडर करने से पहले उन्होंने अपनी व्यथा सुनाई थी। एक्टर ने अपना दुख ज़ाहिर करते हुए कहा, "मैं क्या करूं? मेरे पास पैसों की कमी है, मेरे पास पैसे नहीं हैं, और मुझे कोई रास्ता नहीं मिल रहा है। यहां मेरा कोई दोस्त नहीं है जो मदद कर सके।" इस बयान के वायरल होने के बाद सोनू सूद ने इस मुश्किल समय में एक्टर को सपोर्ट किया है। सोनू ने उन्हें अपनी आने वाली फिल्म में रोल ऑफर किया है और साथ ही 'छोटा सा साइनिंग अमाउंट' देने का वादा भी किया है। सोनू के इस कदम की अब सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही है।
दरअसल राजपाल यादव का यह मामला 2010 का है, जब उन्होंने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म 'आता पता लापता' के लिए दिल्ली की मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। फिल्म फ्लॉप होने के बाद वह लोन नहीं चुका पाए। उनके और उनकी पत्नी राधा के दिए 7 चेक बाउंस हो गए। अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें और उनकी पत्नी को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के सेक्शन 138 के तहत 6 महीने की जेल की सज़ा सुनाई थी। सेशन कोर्ट ने 2019 में इस सज़ा को बरकरार रखा।