Mystery Spinner Abrar Ahmed : दिसंबर 2022 की एक सर्द सुबह, मुल्तान का मैदान और सामने इंग्लैंड की आक्रामक 'बैजबॉल' बल्लेबाजी। पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम ने 9वें ओवर में एक चश्मा पहनने वाले युवा गेंदबाज को गेंद थमाई। किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ मिनटों में क्या होने वाला है। अपनी पहली कुछ गेंदों में ही अबरार अहमद ने जैक क्राउली को एक ऐसी जादुई गुगली पर बोल्ड किया कि पूरी दुनिया देखती रह गई। यहीं से शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ऐसे 'जादूगर' का सफर, जिसे आज दुनिया 'मिस्ट्री स्पिनर' के नाम से जानती है।

अबरार अहमद का जन्म कराची के जमशेद रोड पर हुआ। आठ भाई-बहनों में सबसे छोटे अबरार के लिए क्रिकेटर बनना इतना आसान नहीं था। उनके पिता उन्हें चार्टर्ड अकाउंटेंट बनाना चाहते थे, जबकि उनकी मां की इच्छा थी कि उनका एक बेटा हाफिज-ए-कुरान (जिसने कुरान कंठस्थ की हो) बने। अबरार ने अपनी मां से एक सौदा किया। उन्होंने कहा, "अम्मी, मैं आपके लिए कुरान हिफ्ज करूँगा, लेकिन उसके बाद आप मुझे क्रिकेटर बनने से नहीं रोकेंगी।" अबरार ने मात्र डेढ़ साल में कुरान याद कर अपनी मां का सपना पूरा किया और फिर अपने क्रिकेट के जुनून की ओर निकल पड़े।

अबरार की गेंदबाजी की असली पाठशाला कराची का टेप-बॉल सर्किट था। यहाँ बिजली ग्राउंड जैसे मैदानों में वे अपनी उंगलियों के जादू से बड़े-बड़े बल्लेबाजों को चकमा देते थे। उनके भाई साजिद याद करते हैं कि जब अबरार महज 5-6 साल के थे, तब वे टीवी पर सकलैन मुश्ताक को गेंदबाजी करते देख सहवाग को आउट करने की रणनीति बनाया करते थे। अबरार ने सुनील नरेन और अजंता मेंडिस जैसे दिग्गजों को देखकर अपनी कला को निखारा।

2014 में अबरार ने राशिद लतीफ क्रिकेट एकेडमी (RLCA) का रुख किया। पूर्व कप्तान राशिद लतीफ उनकी प्रतिभा देखकर दंग रह गए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए कि अबरार का एक्शन वैध है, बिना शर्ट के उनकी गेंदबाजी के वीडियो तक बनवाए। घर से आर्थिक मदद बंद होने के बावजूद, अबरार लिफ्ट मांगकर एकेडमी जाते रहे, जहाँ उनकी मेहनत ने उन्हें पहचान दिलाई।
अबरार अहमद ने भले ही रेड-बॉल यानी टेस्ट क्रिकेट के जरिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी दमदार दस्तक दी हो, लेकिन पिछले दो वर्षों में उनके खेल के स्वरूप ने उन्हें पाकिस्तान की व्हाइट-बॉल टीम का एक अनिवार्य हिस्सा बना दिया है। सीमित ओवरों के क्रिकेट में अबरार की मिस्ट्री स्पिन न केवल बल्लेबाजों के लिए पहेली बनी हुई है, बल्कि आंकड़ों के लिहाज से भी वे अन्य गेंदबाजों से कहीं आगे निकल गए हैं। पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के 11वें सीजन में उनकी अहमियत तब और साफ हो गई जब क्वेटा ग्लैडिएटर्स ने उन्हें लगभग 70 मिलियन (7 करोड़) पाकिस्तानी रुपये की भारी-भरकम राशि के साथ अपनी टीम में बनाए रखा, जिससे वे अपनी टीम के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए। व्हाइट-बॉल क्रिकेट में उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण उनका नियंत्रण है। जहां पीएसएल जैसी लीगों में रनों की बरसात होती है और पिचें बल्लेबाजों के लिए मददगार होती हैं, वहां अबरार ने पिछले दो सीजनों में महज 7.57 की औसत से रन दिए हैं, जो उनकी किफायती गेंदबाजी का प्रमाण है। विकेट लेने के मामले में भी उनका प्रदर्शन बेमिसाल रहा है; वे शाहीन अफरीदी के साथ 33 विकेट लेकर संयुक्त रूप से शीर्ष पर काबिज हैं। अबरार इकलौते ऐसे स्पिनर हैं जिन्होंने इस अवधि में 30 से अधिक विकेट झटके हैं। उनकी यही काबिलियत उन्हें आज के दौर में पाकिस्तान का सबसे घातक सीमित ओवरों का स्पिनर बनाती है।

अबरार अहमद की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें इंग्लैंड की लीग 'द हंड्रेड' में सनराइजर्स लीड्स ने चुना। वे उस नीलामी में भारतीय स्वामित्व वाली टीम द्वारा खरीदे गए एकमात्र पाकिस्तानी खिलाड़ी थे। उनकी 'कैरम बॉल' और सटीक लेंथ ने उन्हें दुनिया भर की टी20 लीगों का हॉट फेवरेट बना दिया है।
अबरार अहमद की कहानी केवल विकेट लेने के बारे में नहीं है, बल्कि यह अटूट विश्वास और कड़ी मेहनत की मिसाल है। कराची के गली क्रिकेट से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मिस्ट्री का लोहा मनवाना उनकी प्रतिभा को दर्शाता है। आज वे पाकिस्तान के सबसे सफल स्पिनरों में से एक हैं और आने वाले समय में वे विश्व क्रिकेट में अपनी फिरकी का और भी बड़ा जाल बुनने के लिए तैयार हैं।
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