Adani Defence, Prahaar LMG : भारतीय सेना को मिली 'प्रहार' मशीन गन की पहली खेप, जानें क्यों है यह खास

खबर सार :-
Adani Defence, Prahaar LMG : अदाणी डिफेंस ने भारतीय सेना को 'प्रहार' लाइट मशीन गन की पहली खेप सौंपकर रक्षा क्षेत्र में इतिहास रच दिया है। जानें ग्वालियर प्लांट की क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' की ओर बढ़ते इस कदम के बारे में।

Adani Defence, Prahaar LMG : भारतीय सेना को मिली 'प्रहार' मशीन गन की पहली खेप, जानें क्यों है यह खास
खबर विस्तार : -

Adani Defence, Prahaar LMG : भारत की रक्षा शक्ति को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने स्वदेशी रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए भारतीय सशस्त्र बलों को 'प्रहार' लाइट मशीन गन (LMG) की पहली खेप सौंप दी है। शनिवार को ग्वालियर में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान 2,000 अत्याधुनिक मशीन गनों का पहला जत्था रवाना किया गया।

Adani Defence, Prahaar LMG: 'मेक इन इंडिया' के सफर में मील का पत्थर

ग्वालियर स्थित स्मॉल आर्म्स कॉम्प्लेक्स में तैयार की गई ये 7.62 मिमी कैलिबर वाली मशीन गन आधुनिक युद्ध कौशल की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हैं। कंपनी के सीईओ आशिष राजवंशी ने इस अवसर को 'ऐतिहासिक' करार देते हुए कहा कि यह केवल हथियारों की डिलीवरी नहीं है, बल्कि 'मेक इन इंडिया' पहल की सफलता का एक बड़ा प्रमाण है।

Adani Defence, Prahaar LMG : क्षमता ऐसी कि दुनिया रह जाए दंग

आशिष राजवंशी ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से विशेष बातचीत के दौरान कंपनी के भविष्य के रोडमैप पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने उत्साह के साथ साझा किया कि हालांकि कंपनी को अगले सात वर्षों की अवधि में कुल 41,000 एलएमजी (LMG) की आपूर्ति करने का बड़ा लक्ष्य मिला है, लेकिन उनकी टीम जिस असाधारण कार्यक्षमता और समर्पण के साथ काम कर रही है, उसे देखते हुए यह लक्ष्य महज तीन साल के भीतर ही पूरा कर लिया जाएगा। राजवंशी ने यह भी स्पष्ट किया कि पहली खेप की सफल डिलीवरी के बाद अब ग्वालियर स्थित प्लांट हर महीने 1,000 अत्याधुनिक मशीन गन बनाने की पूर्ण क्षमता हासिल कर चुका है, जो रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में अपने आप में एक अनोखा और गौरवशाली रिकॉर्ड है।

Adani Defence, Prahaar LMG : एक दशक से भी कम समय में 'आत्मनिर्भर' बनने की कहानी

अदाणी डिफेंस की यह यात्रा साल 2020 में प्रधानमंत्री के 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन के साथ शुरू हुई थी। पिछले छह वर्षों के भीतर कंपनी ने एक साधारण कंपोनेंट निर्माता से लेकर एक पूर्ण ओईएम (Original Equipment Manufacturer) बनने तक का सफर तय किया है। शुरुआती दौर में विदेशी टेक्नोलॉजी पार्टनर्स की मदद ली गई, लेकिन आज कंपनी अपने दम पर विश्व स्तरीय हथियारों का निर्माण कर रही है।

Adani Defence, Prahaar LMG : रक्षा मंत्रालय ने दिखाई हरी झंडी

इस गौरवशाली क्षण के साक्षी रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ए अनबरसु भी बने। उन्होंने पहली खेप लेकर जा रहे ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अनबरसु ने कहा, "भारत अब केवल रक्षा सौदे करने वाला देश नहीं रहा, बल्कि उन सौदों को तेजी से उत्पादन और समय पर डिलीवरी में बदलने की ताकत रखता है।" 'प्रहार' एलएमजी का भारतीय सेना के बेड़े में शामिल होना न केवल सरहदों पर जवानों की ताकत बढ़ाएगा, बल्कि रक्षा निर्यात के क्षेत्र में भी भारत की साख को मजबूत करेगा। ग्वालियर के इस प्लांट से निकलने वाली गन अब भारतीय सेना की मारक क्षमता का नया आधार बनेंगी।

 

अन्य प्रमुख खबरें