RNI Launch 2026: नई दिल्ली में भारत ने वैश्विक विमर्श को एक नई दिशा देते हुए देश का पहला ‘जिम्मेदार राष्ट्र सूचकांक’ (Responsible Nations Index-RNI) लॉन्च किया। यह इंडेक्स किसी देश की प्रगति को केवल आर्थिक विकास या जीडीपी तक सीमित न रखकर, उसकी जवाबदेही, नैतिक शासन, पर्यावरणीय प्रतिबद्धता और नागरिकों की भलाई जैसे मानवीय पहलुओं के आधार पर मापेगा। इसका उद्देश्य विकास की परिभाषा को ज्यादा संतुलित और मानव-केंद्रित बनाना है।
इस ऐतिहासिक पहल का शुभारंभ भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की उपस्थिति में किया गया। उन्होंने कहा कि यह इंडेक्स केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि यह समझने का प्रयास है कि कोई देश अपने नागरिकों, समाज और मानवता के प्रति कितना जिम्मेदार है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि नैतिकता और जिम्मेदारी भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा रही है।
रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स को आकार देने में आईआईएम मुंबई, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) और डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर (DAIC) की अहम भूमिका है। ये संस्थान वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन (WIF) के साथ मिलकर इस इंडेक्स के शोध, ढांचे और मूल्यांकन पद्धति पर काम करेंगे। यह साझेदारी वैश्विक स्तर पर जिम्मेदार राष्ट्रों के आकलन की दिशा में एक बड़ा अकादमिक और नीतिगत कदम मानी जा रही है।
आरएनआई के तहत दुनिया के 154 देशों का मूल्यांकन किया जाएगा। यह आकलन पारंपरिक आर्थिक सूचकांकों से अलग, अधिक पारदर्शी और बहुआयामी होगा। इसका मकसद देशों को केवल रैंक देने तक सीमित नहीं है, बल्कि बेहतर नीतियां बनाने, सकारात्मक वैश्विक संवाद को बढ़ावा देने और लोगों की जीवन गुणवत्ता सुधारने में मदद करना है।
वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन के संस्थापक एवं सचिव सुधांशु मित्तल ने कहा कि आरएनआई शक्ति-केंद्रित सोच से हटकर उत्तरदायित्व-केंद्रित मूल्यांकन की ओर एक पैराडाइम शिफ्ट है। यह शासन के परिणामों को नैतिक और मानवीय मूल्यों से जोड़ता है, जिससे विकास का ज्यादा संतुलित और टिकाऊ मॉडल सामने आता है।
आईआईएम मुंबई के निदेशक प्रो. मनोज तिवारी ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल पेशेवर शिक्षा देना नहीं, बल्कि ऐसे मूल्यों को बढ़ावा देना है जो समाज को बेहतर बनाएं। उन्होंने जोर दिया कि आर्थिक मजबूती के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है। वहीं, जेएनयू की कुलपति शांतिश्री पंडित ने कहा कि आज के अनिश्चित वैश्विक दौर में किसी देश की असली ताकत उसकी सैन्य या आर्थिक शक्ति नहीं, बल्कि उसकी जिम्मेदारी और नैतिक नेतृत्व से आती है।
रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स को तीन मुख्य आधारों पर तैयार किया गया है।
आंतरिक जिम्मेदारी-जिसमें नागरिकों की गरिमा, समानता, स्वास्थ्य, शिक्षा और समग्र भलाई को देखा जाएगा।
पर्यावरणीय जिम्मेदारी-जिसमें पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों का टिकाऊ उपयोग और जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों का आकलन होगा।
बाहरी जिम्मेदारी-जिसमें वैश्विक शांति, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और विश्व समुदाय के प्रति देश के योगदान को मापा जाएगा।
यह इंडेक्स ऐसे समय में सामने आया है जब दुनिया भर में विकास के मौजूदा मॉडल पर सवाल उठ रहे हैं। आरएनआई एक ऐसा मानव-केंद्रित दृष्टिकोण पेश करता है, जो देशों को केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि सहयोग और साझा जिम्मेदारी की ओर प्रेरित करता है।
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