ऑपरेशन त्राशी-1: किश्तवाड़ में आतंकियों के खिलाफ बड़ा एक्शन, सुरक्षाबलों ने डोलगाम को घेरा

खबर सार :-
ऑपरेशन त्राशी-1 : किश्तवाड़ के डोलगाम में ऑपरेशन त्राशी-1 के तहत सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी। सेना, पुलिस और सीआरपीएफ का संयुक्त अभियान तेज।

ऑपरेशन त्राशी-1: किश्तवाड़ में आतंकियों के खिलाफ बड़ा एक्शन, सुरक्षाबलों ने डोलगाम को घेरा
खबर विस्तार : -

ऑपरेशन त्राशी-1 : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों का सघन अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ के तहत सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने मिलकर आतंकियों को चारों ओर से घेर लिया है। डोलगाम क्षेत्र में शनिवार सुबह सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई, जो समाचार लिखे जानॆ तक जारी थी।

डोलगाम में दोबारा हुआ आतंकियों से संपर्क

भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने जानकारी दी कि 31 जनवरी की सुबह संयुक्त बलों ने डोलगाम इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की पुष्टि की। पुख्ता खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाए जा रहे इस अभियान में सुरक्षाबलों ने इलाके को पूरी तरह सील कर दिया है। सेना के अनुसार, सभी इनपुट्स को आपस में साझा कर ऑपरेशन को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया जा रहा है, ताकि किसी भी आतंकी को भागने का मौका न मिल सके।

सुरक्षा कारणों से इंटरनेट सेवाएं बंद

मुठभेड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से डोलगाम और आसपास के इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी थीं। इसका उद्देश्य अफवाहों पर लगाम लगाना और ऑपरेशन की गोपनीयता बनाए रखना था। इस अभियान की शुरुआत 18 जनवरी को हुई थी, जब किश्तवाड़ के चतरू क्षेत्र के सोनार इलाके में तलाशी अभियान के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी की थी। उस मुठभेड़ में कई घंटों तक संघर्ष चला और भारतीय सेना का एक बहादुर पैराट्रूपर वीरगति को प्राप्त हुआ।

शहीद जवान को सेना ने दी श्रद्धांजलि

19 जनवरी को सेना ने सोशल मीडिया के माध्यम से शहीद स्पेशल फोर्सेज के हवलदार गजेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने कहा कि उन्होंने सिंगपुरा इलाके में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान अद्भुत साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि वह शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और शहीद की वीरता को हमेशा याद रखा जाएगा।

12 दिन की तलाशी के बाद आतंकियों का सुराग

शहादत के बाद सुरक्षाबलों ने हार नहीं मानी और लगातार 12 दिनों तक पहाड़ी और जंगली इलाकों में तलाशी अभियान चलाया। आखिरकार आतंकियों की लोकेशन डोलगाम गांव में मिली, जहां फिलहाल मुठभेड़ जारी है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस ऑपरेशन के पूरा होने के बाद क्षेत्र में आतंकवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा। सुरक्षाबलों ने साफ किया है कि जब तक पूरे इलाके को पूरी तरह सुरक्षित नहीं कर लिया जाता, तब तक ऑपरेशन जारी रहेगा। स्थानीय नागरिकों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

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