ऑनलाइन गेमिंग कंपनी गेम्सक्राफ्ट पर ED ने कसा शिकंजा, तीन संस्थापक गिरफ्तार

खबर सार :-
ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग कंपनी गेम्सक्राफ्ट के खिलाफ ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। मनी लाॅन्ड्रिंग व धोखाधड़ी के आरोपों को लेकर कंपनी के तीन संस्थापकों को गिरफ्तार कर लिया है।

ऑनलाइन गेमिंग कंपनी गेम्सक्राफ्ट पर ED ने कसा शिकंजा, तीन संस्थापक गिरफ्तार
खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग में शामिल एक प्रमुख कंपनी गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी के तीन संस्थापकों दीपक सिंह, पृथ्वीराज सिंह और विकास तनेजा को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों के संबंध में शुरू की गई है।

ED के सूत्रों के अनुसार, कंपनी और उससे जुड़ी अन्य संस्थाओं के खिलाफ पहले ही कई FIR दर्ज की गई थीं। इन मामलों में धोखाधड़ी, जनता को गुमराह करने और ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से वित्तीय नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप शामिल हैं। बताया जा रहा है कि कंपनी 'रमीकल्चर' और 'रमीटाइम' जैसे ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म संचालित करती थी, जहां लोग पैसे दांव पर लगाकर गेम खेलते थे।

8 बैंक खाते सीज, लेन-देन पर रोक

जांच एजेंसी का कहना है कि इन ऐप्स और प्लेटफॉर्म के संबंध में कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। कुछ मामलों में ऐसी खबरें आई हैं कि इन खेलों में हुए नुकसान के बाद मानसिक और वित्तीय तनाव का शिकार होकर लोगों ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इन शिकायतों और FIR के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत एक मामला दर्ज किया। खास बात यह है कि पिछले साल नवंबर में ED ने Gameskraft के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में आठ बैंक खातों में जमा कुल ₹18.57 करोड़ की राशि के लेन-देन पर रोक लगा दी थी।

17 स्थानों पर छापेमारी 

7 मई को ED ने कर्नाटक और NCR क्षेत्र में कुल 17 स्थानों पर छापेमारी की। ये छापेमारी गेम्सक्राफ्ट समूह की कंपनियों, उसके संस्थापकों और कुछ कर्मचारियों से जुड़े परिसरों पर की गई थी। तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए गए, जिन्हें चल रही जांच के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ED का दावा है कि जांच के दौरान बरामद दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों के आधार पर एजेंसी को मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों की ओर इशारा करने वाले पर्याप्त संकेत मिले हैं। परिणामस्वरूप 8 मई को तीनों संस्थापकों को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।

दीपक सिंह और पृथ्वीराज सिंह को NCR क्षेत्र में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद, एजेंसी ने उन्हें बेंगलुरु की एक अदालत में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया। इस बीच, विकास तनेजा को बेंगलुरु में गिरफ्तार किया गया और एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया। वर्तमान में ED पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है।

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