Census 2027: जनगणना में करें भागीदारी, घर बैठकर भरें अपनी जानकारी, जानें पूरी प्रक्रिया

खबर सार :-
जनगणना-2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना है। खास बात है कि नागरिक पोर्टल या मोबाइल एप के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करा सकते हैं। फाॅर्म में मकान, शौचालय, पानी, मोबाइल व इंटरनेट जैसी 33 सवालों के जवाब देने होंगे।

Census 2027: जनगणना में करें भागीदारी, घर बैठकर भरें अपनी जानकारी, जानें पूरी प्रक्रिया
खबर विस्तार : -

Census 2027: जनगणना में पहली बार नागरिकों को घर बैठे खुद अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा दी जा रही है। सात मई से 21 मई तक स्वगणना पोर्टल पर जानकारी भर सकते हैं और इसके बाद 22 मई से 20 जून तक प्रगणक घर-घर पहुंचकर सत्यापन करेंगे। 

खास बात है कि इस बार हो रही जनगणना पूरी तरह डिजिटल है और नागरिक स्वयं अपनी भागीदारी इसमें सुनिश्चित कर सकते हैं। पोर्टल पर आप अपनी जानकारी खुद भर सकते हैं। इसके लिए आपको https://se.census.gov.in/ पोर्टल पर जाकर अपने राज्य का चयन कर करना होगा। इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने में महज 15-20 मिनट लगेंगे। 

ओटीपी से करें सत्यापन

पोर्टल पर सबसे पहले आपको अपने राज्य के नाम को चुनना होगा। इसके बाद कैप्चा भरकर ओके करना होगा।उपरिवार के मुखिया का नाम और दस अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद ओटीपी से सत्यापन किया जाएगा। एक मोबाइल नंबर से केवल एक परिवार का पंजीकरण संभव होगा, जबकि व्यक्ति देश में कहीं से भी अपनी या अपने परिवार की गणना कर सकता है।

भाषा चुनने का भी विकल्प

स्वगणना के दौरान नागरिक अपनी पसंद की भाषा चुनकर जिला, पिन कोड और गांव या शहर की जानकारी दर्ज करेंगे। साथ ही मानचित्र पर लाल संकेतक के जरिए अपने घर का सटीक स्थान भी चिन्हित कर सकेंगे। इसके बाद मकान सूचीकरण और परिवार से जुड़ी प्रश्नावली भरनी होगी।

33 प्रकार के विवरण

सभी विवरण भरने के बाद प्रिव्यू स्क्रीन पर जानकारी की जांच की जा सकेगी और फाइनल सबमिट करने पर 11 अंकों की स्वगणना पंजीकरण संख्या प्राप्त होगी। यह संख्या मोबाइल या ईमेल पर मिलेगी, जिसे प्रगणक के घर आने पर दिखाना होगा। जानकारी सही पाए जाने पर सत्यापन कर लिया जाएगा, जबकि अंतर होने पर प्रगणक पुनः जानकारी एकत्र करेगा। घर-सूचीकरण चरण में भवन के उपयोग, निर्माण सामग्री, कमरों की संख्या, स्वामित्व, जल, बिजली, शौचालय, ईंधन और फोन, वाहन, टेलीविजन जैसी परिसंपत्तियों से जुड़े कुल 33 प्रकार के विवरण दर्ज किए जाएंगे।

हेल्पलाइन नंबर 1855 जारी

स्वगणना से समय की बचत होगी और आंकड़े अधिक तेजी व शुद्धता के साथ एकत्र किए जा सकेंगे। जनगणना से संबंधित सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1855 जारी किया गया है और पोर्टल पर चैटबॉट की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। पोर्टल पर दर्ज सभी सूचनाएं पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी।
 

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