Jharkhand: कबरीबाद कोयला खदान में मजदूर की हत्या के बाद बवाल, ग्रामीणों और पुलिस में झड़प

खबर सार :-
बुधवार को कोयला खनन क्षेत्र में एक मज़दूर की हत्या के बाद भारी हंगामा मच गया। गुस्साए रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने बिना पोस्टमार्टम करवाए, सीधे पैदल चलकर कबरीबाद खदान की ओर कूच कर दिया। इस जुलूस के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस और हाथापाई भी हुई।

Jharkhand: कबरीबाद कोयला खदान में मजदूर की हत्या के बाद बवाल, ग्रामीणों और पुलिस में झड़प
खबर विस्तार : -

गिरीडीहः झारखंड के गिरिडीह जिले के कबरीबाद कोयला खदान क्षेत्र में एक मजदूर की हत्या के बाद बुधवार को हालात तनावपूर्ण हो गए। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सदर अस्पताल से बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को अपने कब्जे में लेकर खदान क्षेत्र तक पैदल मार्च किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की भी हुई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

दोषियों की गिरफ्तारी और उचित मुआवजे की मांग

जानकारी के मुताबिक, कबरीबाद कोयला खदान के क्रेशर में कार्यरत मजदूर दिलीप दास की बीती रात अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या कर दी गई। बुधवार सुबह जैसे ही घटना की जानकारी स्थानीय लोगों को मिली, पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन न्याय की मांग को लेकर सदर अस्पताल पहुंच गए, जहां शव रखा हुआ था।

गुस्साए लोगों ने बिना पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी किए ही शव को स्ट्रेचर पर रखा और नारेबाजी करते हुए सीधे कबरीबाद खदान की ओर कूच कर गए। उनका आरोप था कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी और उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से सतर्क था। जितवाहन उरांव और आबिद खान भारी पुलिस बल के साथ खदान परिसर में तैनात थे। जैसे ही प्रदर्शनकारी साइट कार्यालय की ओर बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया।

स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने आ गए। इस दौरान खासकर महिलाओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की देखने को मिली। भारी विरोध के बावजूद प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए खदान के कार्यालय परिसर में घुस गए।

मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

हंगामे के बीच एक युवक ने अचानक पेट्रोल से भरी बोतल निकालकर आगजनी की कोशिश की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, एसडीपीओ जितवाहन उरांव ने तत्परता दिखाते हुए युवक को तुरंत काबू में कर लिया और उसके हाथ से बोतल छीन ली। उनकी इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।

प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान सीसीएल प्रबंधन और स्थानीय पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों की मांग है कि हत्या में शामिल आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। जितेंद्र प्रसाद और गणेश रजक ने मौके पर पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत शुरू की। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून को हाथ में न लेने की अपील की।

फिलहाल खदान क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और विरोध प्रदर्शन जारी है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश कर रहा है।


 

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