अहमदाबाद बनेगा योगासन का विश्व मंच, 4 जून से शुरू होगी पहली World Yogasana Championship, 40 से अधिक देशों के खिलाड़ी दिखाएंगे ताकत

खबर सार :-
पहली वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप भारत के लिए केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि योग की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाई देने का अवसर है। अहमदाबाद में होने वाला यह आयोजन योगासन को अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर मजबूत करेगा और युवाओं में इसकी लोकप्रियता बढ़ाएगा। भारत की मेजबानी से योगासन के ओलंपिक खेल बनने की संभावनाओं को भी नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।

अहमदाबाद बनेगा योगासन का विश्व मंच, 4 जून से शुरू होगी पहली World Yogasana Championship, 40 से अधिक देशों के खिलाड़ी दिखाएंगे ताकत
खबर विस्तार : -

World Yogasana Championship: अहमदाबाद में जून के पहले सप्ताह में इतिहास रचा जाएगा, जब भारत पहली बार वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा। 4 से 8 जून तक ट्रांसस्टेडिया में आयोजित होने वाली इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 40 से अधिक देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। यह आयोजन ‘वर्ल्ड योगासन’ के तत्वावधान में और ‘योगासन भारत’ की मेजबानी में कराया जा रहा है। प्रतियोगिता का उद्देश्य योगासन को वैश्विक खेल पहचान दिलाने के साथ दुनिया भर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को एक मंच पर लाना है।

सोनीपत में हुए चयन ट्रायल, अब अहमदाबाद में लगेगा राष्ट्रीय कैंप

भारतीय राष्ट्रीय योगासन टीम के चयन के लिए 1 और 2 मई को हरियाणा के सोनीपत स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) केंद्र में आधिकारिक ट्रायल आयोजित किए गए। इन ट्रायल्स में देशभर से आए खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। खिलाड़ियों ने पारंपरिक, कलात्मक, लयबद्ध और एथलेटिक योगासन जैसी विभिन्न श्रेणियों में हिस्सा लिया। चयनित खिलाड़ी अब 10 मई से 2 जून तक अहमदाबाद के नारायणपुरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित राष्ट्रीय कोचिंग शिविर में प्रशिक्षण लेंगे। इस शिविर में खिलाड़ियों की तकनीक, संतुलन, प्रस्तुति और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और निखारा जाएगा, ताकि वे विश्व मंच पर भारत का दमदार प्रतिनिधित्व कर सकें।

योगासन को ओलंपिक खेल बनाने की दिशा में बड़ा कदम

योगासन भारत के अध्यक्ष उदित सेठ ने इस आयोजन को खेल इतिहास का निर्णायक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत योग को वैश्विक युवा संस्कृति से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। उनका मानना है कि योगासन खेल के रूप में दुनिया के बड़े बहु-खेल आयोजनों में अपनी जगह बना सकता है और भविष्य में इसके ओलंपिक खेल बनने की संभावनाएं भी मजबूत हैं। उदित सेठ के अनुसार, भारत ने योगासन के लिए एक मजबूत प्रतिस्पर्धी इकोसिस्टम तैयार किया है। अब यह खेल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि योगासन केवल एक खेल नहीं, बल्कि योगमय जीवनशैली का प्रवेश द्वार भी है, जो मानसिक और शारीरिक संतुलन को बढ़ावा देता है।

World Yogasana Championship,  Ahmedabad

खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी से उत्साहित आयोजक

वर्ल्ड योगासन और योगासन भारत के महासचिव जयदीप आर्य ने कहा कि सोनीपत ट्रायल्स में खिलाड़ियों की भारी भागीदारी और उच्च स्तरीय प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि भारत में योगासन तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह चैंपियनशिप खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराएगी और खेल की वैश्विक मान्यता को नई गति देगी। जयदीप आर्य के मुताबिक, प्रतियोगिता के जरिए अलग-अलग देशों के खिलाड़ी और फेडरेशन आपस में जुड़ेंगे, जिससे योगासन के नियमों, प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा के स्तर को अंतरराष्ट्रीय मानक मिलेंगे।

योग और खेल का अनोखा संगम

वर्ल्ड योगासन द्वारा मान्यता प्राप्त यह खेल योग के अनुशासन को एथलेटिक प्रतिस्पर्धा के साथ जोड़ता है। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का मूल्यांकन सटीकता, संतुलन, लचीलापन, नियंत्रण, स्थिरता और कठिनाई स्तर के आधार पर किया जाएगा। अहमदाबाद में होने वाली यह चैंपियनशिप केवल एक खेल आयोजन नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक खेल दृष्टि का संगम भी मानी जा रही है। जून में दुनिया भर से खिलाड़ी, अधिकारी और योगासन फेडरेशन के प्रतिनिधि यहां जुटेंगे, जिससे गुजरात का यह शहर वैश्विक योगासन राजधानी के रूप में उभरेगा।

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