IndiGo flights Cancelled: इंडिगो एयरलाइन का संकट देश भर के यात्रियों के लिए एक गंभीर समस्या बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों में, अचानक फ्लाइट कैंसल होने और देरी की खबरों ने हवाई यात्रा को मुश्किल बना दिया है। अब तक 2,000 से ज़्यादा फ्लाइट्स कैंसल हो चुकी हैं, और हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे एयरपोर्ट्स पर 10 से 12 घंटे तक इंतजार कर रहे यात्री परेशान हैं। यह संकट उन लोगों के लिए खास तौर पर परेशानी भरा रहा है जो बिजनेस ट्रिप पर जा रहे हैं या घर लौट रहे हैं। यात्री एयरलाइन और सरकार से ऑपरेशन्स को फिर से शुरू करने के लिए एक्शन का इंतजार कर रहे हैं। उधर यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले सीधे एयरलाइन से अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक कर लें।
दरअसल यह संकट 1 नवंबर, 2025 को शुरू हुई, जब डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम लागू किए। इन नियमों ने पायलट और क्रू के लिए हफ्ते के आराम का समय 48 घंटे तक बढ़ा दिया, रात की फ्लाइट और लैंडिंग पर लिमिट लगा दी, और "रात" के घंटे बढ़ा दिए। ये नियम पायलट की थकान कम करने और फ्लाइट को सुरक्षित बनाने के लिए बनाए गए थे। हालांकि नए नियम लागू होने के बाद इंडिगो के लिए मुश्किलें बढ़ गईं। एयरलाइन को अपने क्रू को शेड्यूल करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पायलट और क्रू की कमी, खासकर रात और वीकेंड शिफ्ट के लिए, ने ऑपरेशन्स पर असर डाला। इंडिगो जैसी एयरलाइन के लिए, जो पूरे देश में चौबीसों घंटे फ्लाइट्स चलाती है, नियमों को तुरंत लागू करना आसान नहीं था।
उधर सैंकड़ों फ्लाइट्स कैंसल होने से एयरपोर्ट पर पैसेंजर्स भारी भीड़ जमा हो गई। क्योंकि कई पैसेंजर्स आगे के अपडेट का इंतजार कर रहे थे। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर हालात सबसे ज्यादा खराब है, जहां रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच कई आने जाने वाली फ्लाइट्स कैंसल कर दी गईं। इतना ही नहीं एयरपोर्ट पर खाना, आराम, कपड़े, दवाइयां और रहने की जगह जैसी बेसिक सुविधाएं भी नहीं दी गईं। जबकि एयरलाइन ने खुद मान लिया है कि उसके पास पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। अनेक मामलों में आपातकालीन मेडिकल जरूरतों की भी अनदेखी कर दी गई।
आरोप है कि इंडिगो ने नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) फेज 2 को लागू करने में गंभीर चूक की। यह नियम पायलट की सुरक्षा और थकान को ध्यान में रखकर लागू किया गया था, लेकिन एयरलाइन की गलत प्लानिंग और रोस्टरिंग ने पूरे ऑपरेशन में रुकावट डाली। पिटीशन में इसे गंभीर मिसमैनेजमेंट और पैसेंजर्स के साथ अन्याय बताया गया है। इसका असर जल्द ही महसूस किया गया, और इंडिगो का ऑपरेशन धीरे-धीरे नॉर्मल हो गया। एयरलाइन ने यात्रियों से माफी मांगी और वादा किया कि फ्लाइट शेड्यूल जल्द ही नॉर्मल हो जाएगा।
इंडिगो के संकट के मुख्य कारण क्रू की कमी, सर्दियों में फ्लाइट की संख्या में बढ़ोतरी और साथ ही नए नियमों का लागू होना थे। एयरलाइन तुरंत पर्याप्त पायलट या अतिरिक्त क्रू सेवाओं का इंतजाम करने में नाकाम रही, जिससे ऑपरेशन पर असर पड़ा। 5 दिसंबर को, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (DGCA) ने तुरंत प्रभाव से कुछ कड़े नियम वापस ले लिए। इंडिगो को रात में काम करने और पायलटों के लिए "छुट्टी के बदले साप्ताहिक आराम" की छूट दी गई।
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