दिल्ली में लोकतंत्र का वैश्विक महाकुंभ: आईआईसीडीईएम 2026 की मेजबानी करेगा चुनाव आयोग, 70 देशों के 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि होंगे शामिल

खबर सार :-
आईआईसीडीईएम 2026 न केवल भारत की चुनावी क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा, बल्कि लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन से जुड़े देशों को एक साझा मंच भी प्रदान करेगा। यह सम्मेलन भारत की संस्थागत मजबूती, तकनीकी नवाचार और पारदर्शी चुनावी परंपराओं को रेखांकित करते हुए वैश्विक लोकतंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

दिल्ली में लोकतंत्र का वैश्विक महाकुंभ: आईआईसीडीईएम 2026 की मेजबानी करेगा चुनाव आयोग, 70 देशों के 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि होंगे शामिल
खबर विस्तार : -

IICDEM 2026: भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) बुधवार से राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर भारत अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (आईआईसीडीईएम) 2026 की मेजबानी करने जा रहा है। यह सम्मेलन इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईसीडीईएम) के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जो 23 जनवरी तक चलेगा।

लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर वैश्विक संवाद

चुनाव आयोग के अनुसार, आईआईसीडीईएम 2026 लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में भारत द्वारा आयोजित अब तक का सबसे बड़ा वैश्विक सम्मेलन होगा। इसमें दुनिया भर के 70 से अधिक देशों से करीब 100 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, भारत में स्थित विदेशी मिशनों और चुनावी क्षेत्र से जुड़े अकादमिक व प्रैक्टिसिंग विशेषज्ञों की भी भागीदारी होगी।

पहले दिन का एजेंडा: स्वागत से डॉक्यूसीरीज़ तक

सम्मेलन के पहले दिन अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का औपचारिक स्वागत, उद्घाटन सत्र और पूर्ण सत्र आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, “इंडिया डिसाइड्स” नामक डॉक्यूमेंट्री सीरीज की स्क्रीनिंग भी होगी, जिसमें लोकसभा चुनाव 2024 के आयोजन और प्रबंधन की विस्तृत झलक दिखाई जाएगी। यह डॉक्यूसीरीज़ दुनिया के सबसे बड़े चुनाव की जटिलताओं और व्यवस्थागत क्षमताओं को दर्शाती है।

चुनावी निकायों के सत्र और वैश्विक मुद्दों पर मंथन

तीन दिवसीय कार्यक्रम में चुनाव प्रबंधन निकायों (ईएमबी) के सामान्य और पूर्ण सत्र शामिल होंगे। इनमें ईएमबी नेताओं का पूर्ण सत्र, कार्यकारी समूहों की बैठकें और वैश्विक चुनावी चुनौतियों पर केंद्रित विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में मॉडल अंतरराष्ट्रीय चुनावी मानकों, चुनावी प्रक्रियाओं में नवाचार और सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा होगी।

36 थीमेटिक ग्रुप और प्रमुख संस्थानों की भागीदारी

सम्मेलन के दौरान कुल 36 थीमेटिक ग्रुप विस्तार से विचार-विमर्श करेंगे। इन समूहों का नेतृत्व राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) करेंगे, जिन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक विशेषज्ञों का सहयोग मिलेगा। इस आयोजन में देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों—4 आईआईटी, 6 आईआईएम, 12 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू) और आईआईएमसी—की सक्रिय भागीदारी होगी।

ईसीनेट लॉन्च और चुनावी प्रदर्शनी

सम्मेलन के दौरान चुनाव आयोग ईसीनेट (ECINET) को औपचारिक रूप से लॉन्च करेगा। यह चुनाव से संबंधित सभी जानकारियों और सेवाओं के लिए आयोग का वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा। इसके साथ एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें भारत में चुनाव कराने की विशालता, जटिलता और मतदाता सूची तैयार करने तथा चुनाव संचालन से जुड़ी हालिया पहलों को प्रदर्शित किया जाएगा।

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