NEET-UG 2026 री-एग्जाम के लिए देशभर में मॉक ड्रिल, पेपर लीक रोकने के लिए बनाई गई थ्री-लेयर सुरक्षा

खबर सार :-
NEET-UG 2026 Re-Exam: रविवार को होने वाली NEET-UG 2026 री-एग्जाम को पारदर्शी बनाने के लिए देश भर में मॉक ड्रिल की जा रही है। इस परीक्षा में लाखों उम्मीदवार शामिल होंगे। मॉक ड्रिल सुबह शुरू हो चुकी और देर शाम तक चलेगी।
NEET-UG 2026 री-एग्जाम के लिए देशभर में मॉक ड्रिल, पेपर लीक रोकने के लिए बनाई गई थ्री-लेयर सुरक्षा
खबर विस्तार : -

NEET-UG 2026 Re-Exam: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए होने वाले NEET-UG 2026 एंट्रेंस एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा उपाय किए हैं। पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों से जुड़े विवादों के बाद, शनिवार देशभर के परीक्षा केंद्रों पर बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल (Mock Drill ) किया जा रहा है। सुबह 9 बजे शुरू हुई यह मॉक ड्रिल देर शाम तक चलेगी। इस खास कवायद का मकसद रविवार, 21 जून को होने वाले री-एग्जाम से पहले तैयारियों को अंतिम रूप देना है।

NEET-UG 2026 Re-Exam: 2.5 लाख से ज़्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात

बता दें कि 21 जून को होने वाले NEET-UG री-एग्जाम से पहले शनिवार को देश भर में मॉक ड्रिल (Mock Drill) आयोजित की जा रहा है। मॉक ड्रिल सुबह 9:00 बजे शुरू हुई और देर शाम तक चलेगी, जिसमें 2.5 लाख से ज़्यादा सुरक्षाकर्मी शामिल होंगे। इसका मकसद परीक्षा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेना है। सभी तय परीक्षा केंद्रों को पहले ही NTA के नियंत्रण में ले लिया गया है।

मॉक ड्रिल के दौरान क्या होगा

दरअसल मॉक ड्रिल (Mock Drill ) में पूरी प्रक्रिया को दोहराया जाएगा इसमें प्रश्न पत्र मिलने और उन्हें स्ट्रॉन्ग रूम तक ले जाने से लेकर सेंटर पर सुरक्षित रखने तक की प्रक्रिया शामिल होगी। साथ ही, उम्मीदवारों की एंट्री, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और उन्हें परीक्षा हॉल तक ले जाने की प्रक्रिया भी इसमें शामिल होगी। इसके अलावा, इस ड्रिल से यह भी परखा जाएगा कि किसी इमरजेंसी की स्थिति में पुलिस, प्रशासन और सेंटर मैनेजमेंट कितनी तेजी से प्रतिक्रिया दे सकते हैं।

पेपर लीक रोकने के लिए बनाई गई थ्री-लेयर सुरक्षा

परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, इस बार हर केंद्र पर तीन-स्तरीय सुरक्षा (Three-Tier Security) व्यवस्था लागू की गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत, पहले स्तर पर परीक्षा केंद्र के बाहर ज़िला प्रशासन और पुलिस बल को तैनात किया जाएगा। केंद्र के 100 मीटर के दायरे में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक होगी। दूसरे स्तर पर, केंद्र परिसर के भीतर उम्मीदवारों की पहचान की जांच, एडमिट कार्ड का सत्यापन और बायोमेट्रिक मिलान किया जाएगा। तीसरे स्तर पर परीक्षा हॉल के अंदर CCTV निगरानी, ​​फ्लाइंग स्क्वाड और ऑब्ज़र्वर लगातार नजर रखेंगे। इसके अलावा, देश भर के 5,000 से ज़्यादा परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों के ज़रिए लगातार निगरानी की जाएगी। बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं।

Telegram ban: टेलीग्राम सेवाओं पर रहेगा प्रतिबंध

इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले देश भर में टेलीग्राम सेवाओं पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार ने आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया और हालात को देखते हुए यह कदम सही था। टेलीग्राम FZ-LLC की याचिका को खारिज करते हुए जस्टिस तेजस करिया ने कहा कि 22 जून तक टेलीग्राम सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करना और 30 जून तक इसके 'एडिट मैसेज' फीचर को निष्क्रिय करना हालात के हिसाब से उचित था।

केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों के लिए बार-बार टेलीग्राम का इस्तेमाल किया जा रहा था। NTA ने कई ऐसे चैनल की पहचान की थी जहाँ कथित तौर पर NEET के नकली प्रश्न-पत्र और धोखाधड़ी से जुड़े मैसेज फैलाए जा रहे थे। सरकार का तर्क था कि सिर्फ़ कुछ खास चैनलों को हटाने से काम नहीं चलेगा, क्योंकि ऐसे ग्रुप और बॉट आसानी से फिर से एक्टिव हो सकते हैं।

NEET-UG 2026 Re-Exam: 21 जून को होगा री-इजाम

गौरतलब है कि 3 मई को हुए ओरिजिनल NEET-UG एग्जाम के बाद क्वेश्चन पेपर लीक होने के आरोप सामने आए थे। जिसके चलते दोबारा परीक्षा कराई जा रही है। जिसमें, 22 लाख से ज़्यादा कैंडिडेट्स शामिल होंगे। इनमें से करीब 18 लाख छात्र अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर चुके हैं। यह परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित की जा रही है। 

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