क्या एआई छीन लेगा मजदूरों की नौकरी, आपके लिए क्या है विकल्प?

खबर सार :-
आज के एआई के जमाने में हर की जॉब पर खतरा मंडरा रहा है। हर ही में एक बड़ी कंपनी ने 15 हजार लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसके साथ ही मजदूरों पर भी इसका बुरा असर देखने को मिल रहा है।

क्या एआई छीन लेगा मजदूरों की नौकरी, आपके लिए क्या है विकल्प?
खबर विस्तार : -

 AI impact on jobs: आज के जमाने में जहां टेक्नोलॉजी हर क्षेत्र में अपना गढ़ जमाते जा रही है, वहीं इसके चलते लाखों लोग बेघर हो रहे हैं। एक्सपर्ट के अनुसार एआई काम के तरीकों को पूरी तरह बदल दे रहा है। यह नौकरी को पूरी तरह खत्म नहीं कर रहा बल्कि तरीकों को बदल रहा है, जिससे लोगों में टेक्नोलॉजी के मुताबिक स्किल की कमी हो रही है और उनको नौकरी छोड़ना पड़ रहा है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

एक्सपर्ट्स की माने तो इसमें सबसे पहले उन लोगों के जॉब को खतरा है, जो रोज एक जैसे दोहराए जाने वाले काम, जिसमें पैकेजिंग, समान की छंटनी, असेंबली लाइन पर पार्ट्स जोड़ना, गोदाम में समान एक जगह से दूसरी जगह ले जाना। ये काम रोबोट इसे लगातर और तेजी से कर सकता है, इसलिए इनको ज्यादा खतरा है। निर्माण और फैक्ट्री के काम में पहले रजिस्टर पर दस्तखत होती थी, लेकिन अब चंद सेकेंड में आई स्कैनिंग हो जाती है। पहले मजदूर खुद से हर चीज की बारीकी से जांच करते थे, लेकिन अब सारी चीजें एआई के माध्यम से हो रही है। 

टेक्नोलॉजी की रेस

एक्सपर्ट के अनुसार मजदूरों की जरूरत खत्म नहीं हो रही है, बल्कि बदलते टेक्नोलॉजी की रेस में स्किल पीछे छूट जा रहा है। उनकी भूमिका बदल रही है। अब मजदूरों को मशीन चलाना होगा, टेक्नोलॉजी के संकेतों को समझना होगा। हाथ का प्रयोग कम करना होगा और दिमाग को इसकी मांग के अनुसार ढ़ालना होगा। अगर आप ऐसा सोच रहे हैं कि इंसानी जरूरत खत्म हो जाएगी तो ऐसा नहीं है। कई बार जब तुरंत किसी डिसीजन पर जाना होता है, तो वहां मशीन काम नहीं आती है।

मशीन ऑपरेटर

नए टेक्नोलॉजी के जमाने में एक ओर जहां काम की कमी हो रही है, वहीं दूसरी ओर नए काम में अवसर मिल रहे हैं। अब ऐसे लोगों की मांग ज्यादा बढ़ गई है, जो रोबोट को चला सके, उनकी मरम्मत कर सके और सॉफ्टवेयर समझ सके। अब मशीन ऑपरेटर की मांग ज्यादा हो रही है। अगर आपको थोड़ी भी तकनीकी ज्ञान है तो आपके लिए नए रास्ते खुल गए हैं। जानकारों का कहना है कि मजदूरों को नई स्किल सीखनी चाहिए। छोटे-छोटे ट्रेनिंग कोर्स, मशीन चलाने की जानकारी और डिजिटल समझ उन्हें दूसरों से आगे रखने में मदद करेगी। 


 

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