करोड़ों की फीस ठुकराया, पीक पर बदला करियर, अब सत्ता सम्भाल रहे विजय थलपति

खबर सार :-
Career update: हाल ही में विजय थलपति ने तमिलनाडु में बम्पर जीत हासिल कर मुख्यमंत्री के पद पर आसीन हो गए हैं, लेकिन अपनी करोड़ों की फिल्म इंडस्ट्री को छोड़ विजय ने कैसे पाई इतनी बड़ी जीत? चलिए जानते हैं।

करोड़ों की फीस ठुकराया, पीक पर बदला करियर, अब सत्ता सम्भाल रहे विजय थलपति
खबर विस्तार : -

Vijay thalapathi: हाल ही में अभिनेता से नेता बने विजय थलपति इस समय खूब चर्चा बटोर रहे हैं। उनकी इतनी बड़ी जीत पर उनके फैंस खूब बधाई दे रहे हैं, लेकिन विजय ने अपने करियर के पीक पर आकर करोड़ों का फिल्म ऑफर छोड़कर अचानक सत्ता में कैसे आ गए? क्या इसके पीछे कोई बड़ी प्लानिंग थी? आज के युवाओं को इनसे क्या सीखना चाहिए।

200 करोड़ का ऑफर नकारा

विजय थलपति ने अपने करियर को उस मुकाम पर अलविदा कहा, जहां उन्हें एक फिल्म के लिए 200 करोड़ का ऑफर मिलता था। आम लोगों को यह सुनने में काफी हैरानी होगी कि इस मुकाम पर आकर भी कोई अपना करियर छोड़ सकता है। इस बात को पूरी तरह नकारते हुए विजय ने अपने प्लान को मास्टरस्ट्रोक साबित कर दिया। विजय ने अपनी 69 फिल्म के बाद जब फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कहा था, तब उनके चाहने वाले हैरान हो गए थे। अपने करियर के पीक पर आकर फिर से जीरो से शुरू करना बहुत बड़ा रिस्क था, लेकिन तमिलनाडु चुनाव के नतीजों ने विजय को एकबार फिर से हीरो बना दिया। फर्क़ बस इतना है कि पहले वो साउथ सिनेमा के हीरो थे और अब साउथ सत्ता के हीरो हैं। ज्यादातर एक्टर अपने रिटायर्मेंट के बाद राजनीति में आते हैं, जबकि विजय ने अपने करियर के पीक पर आकर फिल्म इंडस्ट्री छोड़ी। इससे सबसे बड़ा सबक इस बात का मिलता है कि अपने कम्फर्ट जोन में रहकर कुछ नहीं मिलता है।

कैसे की तैयारी

विजय थलपति ने अपनी पार्टी टीवीके नींव बहुत पहले ही रख चुके थे। इसके बाद धीरे-धीरे अपने सभी काम को पूरा करते हुए आगे बढ़ने लगे। एक अभिनेता के तौर पर विजय की कनेक्टिविटी और मास कनेक्शन उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। उन्होंने अपनी पब्लिक स्पीकिंग और क्राउड मैनेजमेंट को अपनी ताकत बनाया। आज उनकी जीत एक रात की मेहनत नहीं है, बल्कि 2 साल की लम्बी प्लानिंग, स्टडी और जनता के बीच जाकर फिल्ड वर्क उनकी सफ़लता का सबसे बड़ा कारण है।

आज के युवा क्या सीखें

अगर आप अपने जीवन में सब कुछ पाना चाहते हैं तो एक छोटी सी असफलता पर रुके नहीं, बल्कि उसे कुचलकर आगे बढ़ने की कोशिश करें। सफ़लता का असली मंत्र ठहराव नहीं बल्कि निरंतरता होती है। आपके करियर के लिए आपको कम से कम 2 साल की प्लानिंग और फिल्ड वर्क की जरूरत है। विजय ने अपनी आखिरी की दो फ़िल्मों में अपने राजनीति करियर के लिए पर्याप्त राशि जुटा ली थी, जिससे कि उनको जनता की सेवा करने में किसी तरह की दिक्कत न हो।

 

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