UPESSC भर्ती परीक्षा को लेकर फेसबुक पर फैलाई अफवाह, यूजर्स को पड़ा महंगा

खबर सार :-
UPESSC Exam Date Fake News Alert: यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने के बाद युवक पर एफआईआर हो गया। परीक्षा आयोग ने अफवाह के आरोप में प्रयागराज के कर्नलगंज में मुकदमा दर्ज हुआ है।

UPESSC भर्ती परीक्षा को लेकर फेसबुक पर फैलाई अफवाह, यूजर्स को पड़ा महंगा
खबर विस्तार : -

UPESSC Exam Date Fake News Alert: यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर एक अफवाह तेजी से फैल रही है। एक फेसबुक यूजर्स ने पीजीटी 2022 परीक्षा के उत्तर-कुंजी और रिजल्ट के बारे में गलत तारीख वायरल कर रहा था। इसकी सूचना मिलने के बाद युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है।

सोशल मीडिया पर भ्रामक खबर

यूपी शिक्षा चयन आयोग ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक खबर फैलाने के जुर्म में एक फेसबुक यूजर्स को गिरफ्तार कर लिया है। युवक ने पीजीटी 2022 परीक्षा के उत्तर-कुंजी और रिजल्ट के बारे में गलत तारीखें वायरल की थी, जिसे आयोग ने भी जारी नहीं किया था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। उत्तर-प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक खबरों के बारे में कहा कि इस तरह की सूचनाएं अभ्यर्थियों को भ्रमित कर सकती है और परीक्षा की निष्पक्षता पर असर डाल सकती है।

अफवाहों पर सख्त रुख

उत्तर-प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC)ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर फैलाए जा रहे अफवाहों पर सख्त रुख अपनाते हुए, एक फेसबुक यूजर्स के खिलाफ प्रयागराज के कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि युवक फेसबुक पर परीक्षा के रिजल्ट को लेकर ऐसी जानकारी फैला रहा था, जिसकी जानकारी आयोग को भी नहीं थी। जानकारी के मुताबिक यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग के उपसचिव ने थाने में शिकायत दर्ज की थी, कि गिरिजेश कुमार ने अपने फेसबुक पर रिजल्ट को लेकर यह दावा किया कि पीजीटी 2022 परीक्षा की डेटशीट और परीक्षा शहर की जानकारी जल्द जारी होगी। इसके साथ ही विज्ञापन संख्या 51 की संशोधित अंतिम आंसर-की 5 तारीख और 10 तारीख तक आने की बात कही थी। आयोग का कहना है कि हमारी तरफ से ऐसी कोई भी जानकारी नहीं दी गई है।

कार्रवाई का फैसला

आयोग का कहना है कि इस तरह की अफवाह से अभ्यर्थियों के बीच में भ्रम पैदा होता है। ऐसी पोस्ट से छात्रों मे असंतोष और अविश्वास की स्थिति बन सकती है और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और शुचिता को प्रभावित कर सकती है, जिस कारण इस तरह की खबरों को गंभीर मानते हुए कार्रवाई करने का फैसला लिया गया है।

आधिकारिक वेबसाइट

इस कार्रवाई के बाद परीक्षा आयोग ने अभ्यर्थियों से अनुरोध किया है कि वे परीक्षा से जुड़ी इस तरह की खबरों पर भरोसा न करें। आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें। इसके साथ आयोग ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही हर खबर सही नहीं होती है, इसलिए बिना जांच के कोई कदम न उठाएं।

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