भारत में Uber का बड़ा दांव: Adani Group के साथ मिलकर बनाएगी पहला डेटा सेंटर, टेक्नोलॉजी सेक्टर को मिलेगा नया बूस्ट

खबर सार :-
उबर और अडानी समूह की साझेदारी भारत के डिजिटल और टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। देश में पहला उबर डेटा सेंटर स्थापित होने से न केवल तकनीकी विकास को गति मिलेगी, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी बनेंगे। एआई और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते निवेश से भारत वैश्विक डिजिटल हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।

भारत में Uber का बड़ा दांव: Adani Group के साथ मिलकर बनाएगी पहला डेटा सेंटर, टेक्नोलॉजी सेक्टर को मिलेगा नया बूस्ट
खबर विस्तार : -

Uber Adani first Data Center: कैब सेवा देने वाली वैश्विक कंपनी Uber ने भारत में अपना पहला डेटा सेंटर स्थापित करने का ऐलान किया है। इस परियोजना के लिए कंपनी ने Adani Group के साथ साझेदारी की है। उबर के सीईओ दारा खोसरोशाही ने बुधवार को अहमदाबाद में यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से उबर के लिए एक प्रमुख इनोवेशन और टेक्नोलॉजी हब के रूप में उभर रहा है, इसलिए कंपनी देश में अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दे रही है।

दारा खोसरोशाही ने अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि दोनों कंपनियां अपनी मौजूदा साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि भारत में बनने वाला यह पहला डेटा सेंटर उबर की नई तकनीकों के परीक्षण और तैनाती के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

उबर के लिए भारत बना सबसे अहम बाजार

उबर ने पिछले कुछ वर्षों में भारत में तेजी से अपना विस्तार किया है। कंपनी अब केवल कैब सेवाओं तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि इंजीनियरिंग, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों में भी भारत को केंद्र बनाना चाहती है। उबर का मानना है कि भारत में उपलब्ध तकनीकी प्रतिभा, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और तेजी से बढ़ता इंटरनेट उपयोग इसे वैश्विक टेक कंपनियों के लिए आदर्श बाजार बनाता है। कंपनी के अनुसार, प्रस्तावित डेटा सेंटर भारत में उबर के बढ़ते टेक्नोलॉजी ऑपरेशंस को सपोर्ट करेगा। इससे डेटा प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ेगी, सेवाओं की गति बेहतर होगी और भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कंपनी नई तकनीक आधारित सुविधाएं पेश कर सकेगी। दारा खोसरोशाही ने कहा कि यह निवेश इस साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है और इसके जरिए भारत से दुनिया भर के लिए बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी विकास किया जा सकेगा। इससे भारत में रोजगार और तकनीकी निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे।

अडानी समूह का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस

यह साझेदारी ऐसे समय में सामने आई है जब अडानी  समूह देश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर सेक्टर में तेजी से निवेश बढ़ा रहा है। समूह की डेटा सेंटर कंपनी AdaniConneX पहले से ही देश के कई हिस्सों में बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। हाल ही में AdaniConneX ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 1 गीगावॉट क्षमता वाला एआई-रेडी डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म विकसित करने की घोषणा की थी। यह परियोजना भारत के डेटा और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में सबसे बड़े निवेशों में से एक मानी जा रही है।

10 अरब डॉलर का निवेश, एआई सेक्टर को मिलेगा फायदा

28 अप्रैल को जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस महत्वाकांक्षी परियोजना में अदाणी समूह लगभग 10 अरब डॉलर का निवेश करेगा। इस परियोजना में Google इंफ्रास्ट्रक्चर भागीदार के रूप में जुड़ा हुआ है। कंपनी का लक्ष्य स्केलेबल और एआई-रेडी डेटा सेंटर नेटवर्क तैयार करना है, जो भविष्य की डिजिटल जरूरतों को पूरा कर सके। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में डेटा सेंटर सेक्टर का तेजी से विस्तार देश को वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में मजबूत स्थिति दिला सकता है। बढ़ते इंटरनेट उपयोग, क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल सेवाओं की मांग के कारण आने वाले वर्षों में डेटा सेंटर की जरूरत कई गुना बढ़ने की संभावना है।

टेक्नोलॉजी और रोजगार दोनों को मिलेगा बढ़ावा

उबर और अडानी समूह की यह साझेदारी केवल एक डेटा सेंटर तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे भारत में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। इससे टेक्नोलॉजी सेक्टर में निवेश बढ़ेगा, नई नौकरियां पैदा होंगी और भारत वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए और अधिक आकर्षक बाजार बन सकेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की परियोजनाएं भारत को भविष्य में एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

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