वैश्विक तनाव से डरा बाजार: सपाट खुला सेंसेक्स-निफ्टी, ऑयल-गैस शेयरों में भारी दबाव, आईटी-डिफेंस शेयरों ने संभाला मोर्चा

खबर सार :-
कमजोर वैश्विक संकेतों और मध्य-पूर्व तनाव ने भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत को प्रभावित किया। ऑयल एंड गैस सेक्टर में दबाव के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। हालांकि आईटी, डिफेंस और मिडकैप शेयरों में खरीदारी ने बाजार को आंशिक सहारा दिया। आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
वैश्विक तनाव से डरा बाजार: सपाट खुला सेंसेक्स-निफ्टी, ऑयल-गैस शेयरों में भारी दबाव, आईटी-डिफेंस शेयरों ने संभाला मोर्चा
खबर विस्तार : -

Indian Stock Market Update: कमजोर वैश्विक संकेतों और मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार सपाट शुरुआत के साथ कारोबार करता नजर आया। निवेशकों में सतर्कता का माहौल देखने को मिला, जिसके चलते शुरुआती सत्र में बाजार पर दबाव बना रहा। खासतौर पर ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली, जबकि आईटी और डिफेंस सेक्टर ने बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की।

बीएसई सेंसेक्स में 264.82 अंकों की बढ़त

कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 264.82 अंक यानी 0.35 प्रतिशत गिरकर 76,224.14 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 27.60 अंक यानी 0.11 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,004.10 पर कारोबार करता दिखाई दिया। हालांकि, शुरुआती गिरावट के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी का रुख देखने को मिला, जिससे व्यापक बाजार में कुछ मजबूती बनी रही। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक फिलहाल वैश्विक हालात पर नजर बनाए हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने हॉर्मुज स्ट्रेट के पास माइन्स बिछा रही छोटी नौकाओं को निशाना बनाया है। इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा।

सेक्टोरल इंडेक्स की स्थिति

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑयल एंड गैस सबसे बड़ा लूजर सेक्टर रहा। इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी ऑटो, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी कंजंप्शन, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी मेटल और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। तेल की कीमतों में उछाल का असर एविएशन और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भी दिखाई दिया, जिससे निवेशकों ने इन क्षेत्रों में मुनाफावसूली की।

बाजार में निराशा का माहौल

हालांकि, बाजार में पूरी तरह निराशा का माहौल नहीं था। निफ्टी मीडिया, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी आईटी इंडेक्स में खरीदारी देखी गई। आईटी कंपनियों को डॉलर में मजबूती और विदेशी मांग से फायदा मिलने की उम्मीद के चलते निवेशकों का रुझान इस सेक्टर की ओर बना रहा। लार्जकैप शेयरों में मिश्रित रुख देखने को मिला। सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टीसीएस, बीईएल, एसबीआई, एचसीएल टेक, अदाणी पोर्ट्स, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल, मारुति सुजुकी और टाटा स्टील के शेयर बढ़त में रहे। वहीं दूसरी ओर इंडिगो, भारती एयरटेल, सन फार्मा, टाइटन, ट्रेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट, एमएंडएम, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, एलएंडटी और आईटीसी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

एक्सपर्ट्स की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका दबाव बढ़ सकता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने का असर घरेलू महंगाई, परिवहन लागत और कॉर्पोरेट मुनाफे पर पड़ सकता है। इससे शेयर बाजार में अस्थिरता बढ़ने की संभावना भी बनी रहेगी।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में सकारात्मक रुख

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में हालांकि सकारात्मक रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 81.35 अंक यानी 0.13 प्रतिशत बढ़कर 62,047.95 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 101 अंक यानी 0.56 प्रतिशत की तेजी के साथ 18,303 पर कारोबार करता नजर आया। यह संकेत देता है कि निवेशक चुनिंदा शेयरों में अभी भी अवसर तलाश रहे हैं। एशियाई बाजारों की बात करें तो टोक्यो, शंघाई, जकार्ता और मनीला के बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि हांगकांग और सोल के बाजारों में हल्की मजबूती देखने को मिली। अमेरिकी बाजार राष्ट्रीय अवकाश के कारण बंद रहे, लेकिन वैश्विक निवेशकों की नजरें मध्य-पूर्व के हालात और कच्चे तेल की चाल पर टिकी हुई हैं।

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