Petrol-Diesel Price: मिडिल ईस्ट में तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में मचे उथल-पुथल का असर अब भारतीय पेट्रोल पंपों पर भी दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच तेल मार्केटिंग कंपनियों ने शुक्रवार को प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। जबकि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने इंडस्ट्रियल डीजल के दाम में भारी बढ़ोतरी की है। बढ़ी हुई किमतें आज यानी 20 मार्च से लागू हो गई हैं।
दरअसल हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) जैसी सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों ने अपने प्रीमियम पेट्रोल वेरिएंट की कीमतों में लगभग ₹2.09 से ₹2.35 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। इस बदलाव के साथ, 'पावर पेट्रोल' और 'XP95' जैसे ब्रांडेड ईंधनों की कीमत ₹111.68 प्रति लीटर से बढ़कर लगभग ₹113.77 प्रति लीटर हो गई है। डीलरों के अनुसार, ब्रांडेड ईंधनों—जैसे HPCL के 'पावर पेट्रोल' और IOCL के 'XP95'की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है।
बता दें किप्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल आमतौर पर बेहतर इंजन परफॉर्मेंस और अच्छी माइलेज पाने के लिए किया जाता है। नतीजतन, कीमत में बढ़ोतरी से कार और बाइक मालिकों की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की उम्मीद है। इस असर को महानगरों के निवासियों और हाई-परफॉर्मेंस वाहन चलाने वालों द्वारा सबसे ज़्यादा महसूस किए जाने की संभावना है। प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में दो रुपये से अधिक की बढ़ोतरी के बाद यूपी की राजधानी लखनऊ में अब इसकी कीमत 103.92 रुपये प्रति लीटर (Petrol Price Hike) हो गई है। वहीं, पुणे में प्रीमियम पेट्रोल की कीमत ₹113.77 पहुंच गई है। इसी तरह इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत में 22 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है।
इस बीच, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत में ₹22 की बढ़ोतरी की है। दर को ₹87.67 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹109.59 प्रति लीटर कर दिया गया है। ऐसी आशंका है कि इस बढ़ोतरी का असर इंडस्ट्रियल सेक्टर के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन की लागत पर भी पड़ सकता है। नतीजतन, यह डर है कि इससे महंगाई बढ़ सकती है।
हालांकि राहत की बात, रेगुलर पेट्रोल और डीजल की कीमतें कोई बदलाव नहीं हुआ है। जिससे आम वाहन चालकों को कुछ राहत मिली है। मिडिल क्लास और आम वाहन चालक जो अपनी गाड़ियों में रेगुलर पेट्रोल डलवाते हैं, उन्हें फिलहाल पुरानी कीमतों पर ही राहत मिलती रहेगी। इस फैसले का असर विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा जो हाई-ऑक्टेन या प्रीमियम-ग्रेड पेट्रोल का उपयोग करते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बढ़ती लॉजिस्टिक्स लागत ही इस कदम के पीछे मुख्य कारक हैं। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक कच्चे तेल के बाजार में काफी अस्थिरता देखी जा रही है। 19 मार्च को, तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग $111.78 प्रति बैरल तक पहुंच गई, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी बढ़कर लगभग $99.57 प्रति बैरल हो गया।
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