Vision 2047: भारत की सबसे बड़ी सरकारी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने संसद में जानकारी दी कि एनटीपीसी वर्ष 2047 तक 30 गीगावाट की परमाणु ऊर्जा क्षमता स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। यह लक्ष्य सरकार के उस व्यापक रोडमैप का हिस्सा है, जिसके तहत आज़ादी के 100 साल पूरे होने तक भारत को 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता वाला देश बनाना है।
एनटीपीसी ने सभी आवश्यक वैधानिक और सरकारी मंजूरियों के बाद कंपनी अधिनियम के तहत एनटीपीसी परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड (एनपीयूएनएल) का गठन किया है। यह एनटीपीसी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी होगी, जो देश में भविष्य की परमाणु परियोजनाओं को विकसित और संचालित करने का काम करेगी। इससे एनटीपीसी के ऊर्जा पोर्टफोलियो में परमाणु ऊर्जा एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभरेगी।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एनटीपीसी और न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के संयुक्त उद्यम अनु शक्ति विद्युत निगम लिमिटेड के तहत राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में 4×700 मेगावाट की परमाणु ऊर्जा परियोजना स्थापित की जा रही है। इसे माही बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना (एमबीआरएपीपी) नाम दिया गया है। वर्तमान अनुमानों के अनुसार, इस परियोजना की पहली 700 मेगावाट इकाई का प्रारंभिक परीक्षण वित्त वर्ष 2032-33 तक शुरू हो सकता है।
परमाणु क्षेत्र में नवीन तकनीक और निवेश को आकर्षित करने के लिए एनटीपीसी ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ संभावित सहयोग की संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में कंपनी ने रुचि पत्र (ईओआई) जारी किया है, ताकि वैश्विक स्तर पर उपलब्ध सर्वोत्तम विकल्पों का मूल्यांकन किया जा सके।

परमाणु ऊर्जा के साथ-साथ एनटीपीसी नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी लगातार प्रगति कर रही है। कंपनी ने हाल ही में गुजरात और राजस्थान में अपनी सहायक कंपनियों की सौर परियोजनाओं के माध्यम से 359.58 मेगावाट की वाणिज्यिक क्षमता जोड़ी है। इसके साथ ही एनटीपीसी समूह की कुल वाणिज्यिक क्षमता 85.5 गीगावाट से अधिक हो गई है।
एनटीपीसी वर्तमान में देश की लगभग एक चौथाई बिजली आवश्यकताओं की पूर्ति कर रही है। कंपनी की स्थापित क्षमता 85 गीगावाट से अधिक है, जबकि 30.90 गीगावाट की अतिरिक्त क्षमता निर्माणाधीन है। इसमें 13.3 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता शामिल है। एनटीपीसी ने 2032 तक 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है, जो भारत के नेट ज़ीरो लक्ष्यों को मजबूती देगा।
थर्मल, हाइड्रो, सौर, पवन और अब परमाणु ऊर्जा के विविध पोर्टफोलियो के साथ एनटीपीसी देश को विश्वसनीय, किफायती और टिकाऊ बिजली उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। यह रणनीति न केवल ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि भारत को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में वैश्विक नेतृत्व की ओर भी ले जाएगी।
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