मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की सुस्त शुरुआत, मेटल शेयरों ने बढ़ाया दबाव

खबर सार :-
भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को सतर्क और सपाट शुरुआत की। वैश्विक संकेतों की अनिश्चितता, मेटल और कमोडिटी बाजारों में कमजोरी तथा मिडकैप-स्मॉलकैप में दबाव ने निवेशकों को सावधान बनाए रखा। आने वाले सत्रों में वैश्विक बाजारों की दिशा और कच्चे तेल व कमोडिटी कीमतों की चाल से घरेलू बाजार की दिशा तय होने की संभावना है।

मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की सुस्त शुरुआत, मेटल शेयरों ने बढ़ाया दबाव
खबर विस्तार : -

Indian Stock Market:  भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को सुस्त और सपाट रुख के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। बीएसई सेंसेक्स करीब 60 अंकों की गिरावट के साथ 83,757.54 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी सिर्फ एक अंक की कमजोरी के साथ 25,755 के स्तर पर नजर आया। शुरुआती कारोबार में उतार-चढ़ाव सीमित दायरे में रहा, लेकिन सेक्टोरल आधार पर बिकवाली का दबाव साफ दिखा।

मेटल सेक्टर सबसे कमजोर

आज शुरुआती सत्र में बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव मेटल शेयरों का रहा। निफ्टी मेटल इंडेक्स टॉप लूजर के रूप में सामने आया। इसके अलावा डिफेंस, रियल्टी, फार्मा, हेल्थकेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर, कमोडिटीज, सर्विसेज और ऑटो सेक्टर भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे। निवेशकों की ओर से इन सेक्टरों में मुनाफावसूली का रुझान देखा गया।

चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी

वहीं दूसरी ओर ऑयल एंड गैस, एफएमसीजी, मीडिया और आईटी सेक्टर में हल्की खरीदारी देखने को मिली। इन सेक्टरों में चुनिंदा शेयरों ने बाजार को सीमित सहारा देने का काम किया। आईटी शेयरों में मजबूती का कारण अमेरिकी बाजारों से मिले मिश्रित लेकिन स्थिर संकेत माने जा रहे हैं।

मिडकैप और स्मॉलकैप में कमजोरी

आज शुरुआती कारोबार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दबाव बना रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 179 अंक या 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,504 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 137 अंक या 0.80 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17,070 के स्तर पर आ गया। यह संकेत देता है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं।

सेंसेक्स पैक: गेनर्स और लूजर्स

सेंसेक्स के 30 शेयरों में एचयूएल, इंफोसिस, ट्रेंट, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, एसबीआई और एचसीएल टेक बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर इंडिगो, बीईएल, एलएंडटी, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, सन फार्मा, मारुति सुजुकी, एक्सिस बैंक, टाइटन, एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड और आईटीसी में गिरावट दर्ज की गई।

वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी मिलाजुला रुख देखने को मिला। एशियाई बाजारों में टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल लाल निशान में रहे, जबकि केवल जकार्ता का बाजार हरे निशान में कारोबार करता दिखा। अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए थे, जिसका असर एशियाई बाजारों पर पड़ा।

कमोडिटी बाजार में भारी दबाव

मेटल शेयरों में बिकवाली का असर कमोडिटी बाजार पर भी साफ दिखा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में सोना 1.46 प्रतिशत गिरकर 1,50,813 रुपये पर आ गया। वहीं 5 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में चांदी करीब 9 प्रतिशत टूटकर 2,44,654 रुपये पर कारोबार कर रही थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस और चांदी 80 डॉलर प्रति औंस के नीचे फिसल गई।

कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी

ऊर्जा बाजार में भी कमजोरी का रुख बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड 2.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 68 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 63 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से ऊर्जा शेयरों पर मिला-जुला असर देखा जा रहा है।

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