Stock Market news updates: भारतीय शेयर बाजारों की शुरुआत बुधवार सुबह हल्की मजबूती के साथ हुई। लगभग सभी सेक्टर्स में खरीदारी देखने को मिली, लेकिन आईटी शेयरों में आई तेज गिरावट ने बाजार की तेजी को सीमित कर दिया। वैश्विक संकेतों, खासतौर पर अमेरिका की एआई कंपनी एंथ्रोपिक के नए ऐलान के बाद आईटी सेक्टर पर दबाव बढ़ता नजर आया।
सुबह 9:25 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 44 अंक या 0.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ 83,783 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 51 अंक या 0.20 प्रतिशत चढ़कर 25,778 पर कारोबार करता दिखा। ब्रॉडर मार्केट में भी सीमित मजबूती रही। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.04 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.01 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी और रियल्टी को छोड़कर सभी प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 5.39 प्रतिशत की भारी गिरावट देखने को मिली, जबकि रियल्टी इंडेक्स 0.58 प्रतिशत फिसला। एंथ्रोपिक द्वारा अपने क्लाउड-आधारित एआई चैटबॉट के लिए लीगल टूल लॉन्च करने के बाद एआई सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और घटते मार्जिन की चिंता बढ़ गई है।
आईटी की कमजोरी के उलट, निफ्टी (Nifty) ऑटो, मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखी गई। निफ्टी ऑटो 1.12 प्रतिशत, मेटल 1.38 प्रतिशत, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.05 प्रतिशत और ऑयल एंड गैस 1.77 प्रतिशत ऊपर रहे, जिससे बाजार को कुछ हद तक सपोर्ट मिला।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 25,550–25,600 के जोन पर है, जबकि ऊपर की ओर 25,850–25,900 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। एनालिस्ट्स का मानना है कि यूएस-इंडिया ट्रेड डील (US-India Trade deal) से शुरू हुई हालिया रैली को बनाए रखना आसान नहीं होगा।
एंथ्रोपिक (Anthropic) के नए एआई लॉन्च के बाद वॉल स्ट्रीट पर सॉफ्टवेयर और टेक शेयरों में 25 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। भारत, जो कई अमेरिकी कंपनियों के लिए बड़ा सॉफ्टवेयर सर्विस प्रोवाइडर है, वहां के आईटी शेयरों पर भी इसका सीधा असर पड़ा। अमेरिकी बाजारों में मंगलवार को आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई, जिसका असर बुधवार को भारतीय आईटी इंडेक्स पर पड़ा।
एशियाई बाजारों में कमजोरी का माहौल रहा। चीन का शंघाई इंडेक्स सपाट रहा, जबकि शेनझेन 0.88 प्रतिशत गिरा। जापान का निक्केई (Nikkei) 0.6 प्रतिशत और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.73 प्रतिशत नीचे रहा। हालांकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 0.72 प्रतिशत की बढ़त में रहा। अमेरिकी बाजारों में भी दबाव देखा गया। नैस्डैक में 1.43 प्रतिशत, एसएंडपी 500 में 0.84 प्रतिशत और डॉव जोन्स (Dow Jones)में 0.34 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
3 फरवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 5,236 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 1,014 करोड़ रुपये का निवेश किया। एक्सपर्ट्स के अनुसार, गुरुवार को देखी गई तेजी मुख्य रूप से एफआईआई शॉर्ट कवरिंग की वजह से रही।
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