भारत में बनेगा वर्ल्ड क्लास हेलिकॉप्टर इकोसिस्टम, एक ही स्थान पर होगी मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली, प्रशिक्षण : जीत अडानी

खबर सार :-
आत्मनिर्भर भारत और मेड इन इंडिया अभियान के तहत अडानी डिफेंस और लियोनार्डो की साझेदारी भारत के एयरोस्पेस क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम है। यह पहल स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग, प्रशिक्षण और एमआरओ क्षमताओं को मजबूत करेगी। इससे सैन्य और नागरिक जरूरतें पूरी होंगी, रोजगार बढ़ेगा और भारत वैश्विक स्तर पर एक विश्वसनीय हेलिकॉप्टर हब के रूप में उभरेगा और तकनीकी आत्मनिर्भरता को नई दिशा भी मिलेगी।

भारत में बनेगा वर्ल्ड क्लास हेलिकॉप्टर इकोसिस्टम, एक ही स्थान पर होगी मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली, प्रशिक्षण : जीत अडानी
खबर विस्तार : -

Helicopter Ecosystem in India: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत डिफेंस, एयरोस्पेस, तकनीकी और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। एनडीए सरकार ने ‘आत्मनिर्भर भारत’  और ‘मेड इन इंडिया’ अभियान के तहत मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बढ़-चढ़ कर काम करने वाली कंपनियों को बढ़ावा देने का काम किया है। इस बीच अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस कंपनी ने इटली की दिग्गज कंपनी लियोनार्डो हेलिकॉप्टर्स के साथ मिलकर भारत की जमीन पर एक ऐसा इकोसिस्टम बनाने का निर्णय लिया है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली, प्रशिक्षण और वर्ल्ड क्लास सपोर्ट एक ही स्थान पर मिलेगा। 

अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और लियोनार्डो के बीच साझेदारी

अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के निदेशक जीत अडानी ने मंगलवार को लियोनार्डो के साथ साझेदारी का ऐलान करते हुए कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि देश की हेलिकॉप्टर क्षमताएं यहां से मजबूत एवं स्थिर होंगी और पीढ़ियों तक मजबूत रहेंगी। उन्होंने बताया कि इस इनीशिएटिव का एक गहरा सामाजिक आयाम भी है। दुनिया भर में, हेलीकॉप्टर जीवन बचाने, आशा जगाने और सबसे अधिक जरूरत के समय राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ब्राजील और जापान जैसे देशों ने यह प्रदर्शित किया है कि चिकित्सा देखभाल, आपातकालीन प्रतिक्रिया और समुदायों को जोड़ने में रोटरी-विंग विमान कितने महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

Helicopter Ecosystem: हमारी आकांक्षाओं और क्षमताओं में हो रही बढ़ोतरी

जीत अडानी ने कहा कि, भारत के शहर बड़े हो रहे हैं, हमारी आकांक्षाएं बढ़ रही हैं और ऐसी क्षमताओं की आवश्यकता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। अब समय आ गया है कि हमारे लोग इन सेवाओं का अनुभव इस आश्वासन के साथ करें कि इन्हें भारत में निर्मित, भारत के लिए बनाए गए एक इकोसिस्टम द्वारा तैयार किया जा रहा है। भारत की सैन्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस साझेदारी के तहत चरणबद्ध स्वदेशीकरण, मजबूत रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) क्षमताओं को और पायलट ट्रेनिंग प्रोग्राम (Pilot Training Programme) को विकसित किया जाएगा। जीत अडानी के अनुसार, हाल के महीनों में, उन्होंने एक बड़े एविएशन (Aviation) और एयरोस्पेस विजन (Aerospace Vision) को आकार देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

एम्ब्रेयर के साथ सहयोग दूरदर्शी सोच का नतीजा

अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के निदेशक ने कहा कि, हाल ही में घोषित एम्ब्रेयर के साथ हमारा सहयोग हमारी लंबी अवधि की सोच का नतीजा है। जैसे-जैसे हम इन पहलों को एक साथ ला रहे हैं, हम एक ऐसे एविएशन इकोसिस्टम की नींव रख रहे हैं जो देश की सिविल और रक्षा जरूरतों को पूरा करेगा और भारत की एयरोस्पेस महत्वाकांक्षाओं में महत्वपूर्ण योगदान देगा। यह भी कहा कि वे केंद्र सरकार की ओर से मजबूत समर्थन और विजन के लिए भी उतने ही आभारी हैं। आज रक्षा सचिव और नागर विमान सचिव की उपस्थिति एक शक्तिशाली संदेश देती है कि भारत एक विश्व स्तरीय एयरोस्पेस भविष्य बनाने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, नीतियों और पार्टनरशिप को बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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