Energy Security : भारत सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सरकार बाजार की वस्तुस्थिति और बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति पर लगातार काम कर रही है। यह जानकारी विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (Randhir Jaiswal) ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान दी।
एमईए प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत की ऊर्जा नीति का मूल उद्देश्य देशवासियों को सस्ती, सुलभ और निरंतर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना है। उन्होंने दो टूक कहा कि भारत के सभी फैसले इसी प्राथमिकता को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं और आगे भी लिए जाते रहेंगे। सरकार का मानना है कि ऊर्जा सुरक्षा केवल आर्थिक विकास (Economic Development) ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) और सामाजिक स्थिरता (Social Stability) से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है।
जायसवाल ने बताया कि ऑब्जेक्टिव मार्केट कंडीशंस और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना भारत की रणनीति का अहम हिस्सा है। भारत किसी एक देश या क्षेत्र पर निर्भर नहीं रहना चाहता, बल्कि विभिन्न देशों से ऊर्जा आयात कर जोखिम को कम करने की नीति अपना रहा है। इससे वैश्विक संकट या प्रतिबंधों जैसी परिस्थितियों में भी देश की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो।
वेनेजुएला (Venezuela) के साथ भारत के ऊर्जा संबंधों पर पूछे गए सवाल के जवाब में एमईए प्रवक्ता ने कहा कि यह दक्षिण अमेरिकी देश लंबे समय से भारत का अहम भागीदार रहा है। भारत 2019-20 तक वेनेजुएला से कच्चे तेल का आयात कर रहा था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण इसे रोकना पड़ा। बाद में 2023-24 में दोबारा तेल खरीद शुरू हुई, हालांकि प्रतिबंधों के फिर से लागू होने से यह प्रक्रिया फिर बाधित हो गई।
रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSU) ने वेनेजुएला की राष्ट्रीय तेल कंपनी पीडीवीएसए के साथ साझेदारी स्थापित की है। भारतीय पीएसयू वर्ष 2008 से वेनेजुएला में मौजूद हैं और वहां ऊर्जा क्षेत्र में निवेश कर रहे हैं। यह साझेदारी भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का हिस्सा रही है।
एमईए प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत वेनेजुएला सहित किसी भी देश से कच्चे तेल की आपूर्ति के विकल्पों की कॉमर्शियल गतिविधियों का आकलन करने के लिए तैयार है। भारत का दृष्टिकोण व्यावहारिक और लाभ-आधारित है, जिसमें कीमत, आपूर्ति की निरंतरता और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन जैसे पहलुओं को प्राथमिकता दी जाती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी एलोइना रोड्रिग्ज गोमेज के बीच हाल ही में फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-वेनेजुएला साझेदारी को और गहरा करने पर विस्तार से चर्चा की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देश आगामी वर्षों में अपने संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के साझा विजन पर सहमत हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य, कृषि और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। इससे न केवल ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि भारत–वेनेजुएला संबंधों को भी व्यापक आधार मिलेगा।
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