मध्य पूर्व तनाव का असर: कच्चे तेल की कीमतों को लगे पंख, MCX पर Gold-Silver में गिरावट

खबर सार :-
मध्य पूर्व के तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने कमोडिटी बाजार की दिशा बदल दी है। सोना-चांदी फिलहाल दबाव में हैं, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी बनी हुई है। आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम और तकनीकी स्तर ही बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को सावधानी और रणनीति के साथ कदम उठाने की जरूरत है।

मध्य पूर्व तनाव का असर: कच्चे तेल की कीमतों को लगे पंख, MCX पर Gold-Silver में गिरावट
खबर विस्तार : -

Middle East Tension Impact: मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब वैश्विक कमोडिटी बाजारों में साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज उछाल ने निवेशकों की रणनीति बदल दी है, जिसका सीधा असर सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर पड़ा है। गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोना और चांदी दोनों ही गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। पिछले कारोबारी सत्र में जबरदस्त तेजी दर्ज करने के बाद आज बाजार में कमजोरी देखी गई। एमसीएक्स पर सोने की कीमतों में शुरुआती कारोबार के दौरान 1,100 रुपए से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं चांदी भी दबाव में रही और इसमें करीब 4,700 रुपए की गिरावट देखने को मिली।

सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद

सोने की बात करें तो 5 जून डिलीवरी वाला सोना पिछले बंद भाव 1,51,776 रुपए से गिरकर 1,50,647 रुपए पर खुला। हालांकि बाद में इसमें कुछ रिकवरी देखने को मिली और खबर लिखे जाने तक यह 416 रुपए यानी 0.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,51,360 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता नजर आया। यह संकेत देता है कि बाजार में निचले स्तरों पर खरीदारी अभी भी बनी हुई है। दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में भी भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 5 मई डिलीवरी वाली चांदी 2,39,918 रुपए के पिछले बंद स्तर से गिरकर 2,35,850 रुपए पर खुली। इसके बाद इसमें भी हल्की रिकवरी हुई, लेकिन यह अब भी 2,968 रुपए यानी 1.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,36,950 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर बनी रही।

Crude Oil की कीमतों में आई तेजी का असर

इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी को माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड वायदा में सुबह के समय 3.31 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह 97.89 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। बाद में थोड़ी नरमी आई, लेकिन यह अब भी 2.10 प्रतिशत की तेजी के साथ 96.74 डॉलर प्रति बैरल पर बना रहा। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 3 प्रतिशत बढ़कर 97.4 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखा।

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वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी

जानकारों के मुताबिक, यह तेजी ईरान द्वारा अमेरिका पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाने के बाद आई है, जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। आमतौर पर ऐसी परिस्थितियों में सोना सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के रूप में मजबूत होता है, लेकिन इस बार तेल की तेजी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हालांकि इंट्राडे के दौरान सोना और चांदी दोनों में ऊपरी स्तर भी देखने को मिले। सोने का वायदा भाव 1,54,934 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जबकि चांदी 2,46,376 रुपए प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर तक गई। यह दर्शाता है कि बाजार में अस्थिरता काफी अधिक बनी हुई है।

एक्सपर्ट्स की राय में अभी और बढ़ेंगी कीमतें

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल सोना 1,50,500 से 1,51,500 रुपए के दायरे में ट्रेड कर रहा है। अगर यह 1,52,000 के ऊपर टिकता है तो इसमें दोबारा तेजी आ सकती है और कीमतें 1,53,000 से 1,55,000 रुपए तक जा सकती हैं। वहीं 1,50,000 के नीचे गिरावट आने पर यह 1,47,000 तक फिसल सकता है। चांदी के मामले में भी स्थिति कुछ ऐसी ही है। यह फिलहाल 2,36,000 रुपए के आसपास बनी हुई है। अगर यह 2,40,000 के स्तर को पार करती है तो इसमें तेजी आ सकती है और कीमतें 2,45,000 से 2,47,000 रुपए तक पहुंच सकती हैं। वहीं नीचे की ओर गिरावट आने पर यह 2,30,000 तक भी जा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा बाजार में निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि वैश्विक संकेत तेजी से बदल रहे हैं और किसी भी खबर का असर कीमतों पर तुरंत पड़ रहा है।

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