Air India CEO Resignation: देश की प्रमुख विमानन कंपनी Air India में एक बड़ा नेतृत्व परिवर्तन सामने आया है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Campbell Wilson ने अपना निर्धारित कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, कंपनी की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार विल्सन फिलहाल नोटिस पीरियड पर हैं और उत्तराधिकारी मिलने तक पद पर बने रह सकते हैं।
बताया जा रहा है कि एयर इंडिया का बोर्ड पिछले वर्ष से ही नए सीईओ की तलाश में जुटा हुआ था। ऐसे में विल्सन का इस्तीफा अचानक जरूर है, लेकिन पूरी तरह अप्रत्याशित नहीं माना जा रहा। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कंपनी ने उनके स्थान पर किसी नए चेहरे का चयन किया है या नहीं।
सरकार द्वारा Tata Group को एयर इंडिया सौंपे जाने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि कंपनी तेजी से वित्तीय और परिचालन सुधार करेगी। लेकिन कई मोर्चों पर अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी। बढ़ती लागत, विमान डिलीवरी में देरी और प्रतिस्पर्धा ने कंपनी की राह कठिन बना दी।
जून 2025 में अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई थी, के बाद से एयर इंडिया लगातार जांच और आलोचनाओं के घेरे में रही है। इस घटना ने कंपनी के सुरक्षा मानकों और प्रबंधन क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े किए। इसके बाद से ही नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं तेज हो गई थीं।
कैंपबेल विल्सन को वर्ष 2022 में पांच साल के अनुबंध पर एयर इंडिया का सीईओ और प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल जुलाई 2027 तक चलना था। एयर इंडिया से पहले उन्होंने सिंगापुर एयरलाइंस की लो-कॉस्ट सहायक कंपनी स्कूट का सफल नेतृत्व किया था। उनके अनुभव को देखते हुए उनसे एयर इंडिया को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की उम्मीद थी।
दिलचस्प बात यह है कि एयर इंडिया में यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब उसकी प्रतिद्वंद्वी IndiGo भी नेतृत्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। कंपनी ने Pieter Elbers के इस्तीफे के बाद Willie Walsh को नया सीईओ नियुक्त करने की घोषणा की है। वाल्श, जो वर्तमान में International Air Transport Association से जुड़े हुए हैं, 3 अगस्त 2026 से कार्यभार संभाल सकते हैं। इस घटनाक्रम ने भारतीय एविएशन सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और रणनीतिक बदलावों को और तेज कर दिया है।
एयर इंडिया के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती एक सक्षम और दूरदर्शी नेता का चयन करना है, जो कंपनी को मौजूदा संकट से बाहर निकाल सके। वित्तीय सुधार, ग्राहक संतुष्टि, सुरक्षा मानकों को मजबूत करना और बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखना—ये सभी प्राथमिकताएं नए नेतृत्व के सामने होंगी।
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