Wst Asia Cisis के बीच कीमती धातुओं की चमक फीकी: Gold-Silver में गिरावट, निवेशकों में असमंजस

खबर सार :-
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद सोने-चांदी में गिरावट निवेशकों के लिए चौंकाने वाली है। सेफ हेवन डिमांड कमजोर रहने से बाजार अस्थिर बना हुआ है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भविष्य में दिशा तय कर सकती हैं। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहकर रणनीति बनानी होगी, क्योंकि वैश्विक हालात किसी भी समय बाजार का रुख बदल सकते हैं।

Wst Asia Cisis के बीच कीमती धातुओं की चमक फीकी: Gold-Silver में गिरावट, निवेशकों में असमंजस
खबर विस्तार : -

Middle East Tension: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के ईरान को लेकर हालिया सख्त बयानों ने बाजार में हलचल जरूर बढ़ाई, लेकिन इसके बावजूद कीमती धातुओं में अपेक्षित ‘सेफ हेवन’ मांग नजर नहीं आई। इससे निवेशकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

एमसीएक्स पर गिरावट के साथ खुला बाजार

घरेलू वायदा बाजार Multi Commodity Exchange (एमसीएक्स) पर मंगलवार को सोने और चांदी दोनों में गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। 5 जून कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना पिछले बंद भाव 1,49,981 रुपए के मुकाबले 222 रुपए गिरकर 1,49,759 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला। वहीं, 5 मई कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी 1,379 रुपए की गिरावट के साथ 2,32,000 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली, जो बाजार में शुरुआती कमजोरी का संकेत था।

इंट्रा-डे में उतार-चढ़ाव, स्थिरता नहीं

दोपहर करीब 12 बजे तक सोना मामूली गिरावट के साथ 1,49,800 रुपए के आसपास कारोबार करता नजर आया। हालांकि दिन के दौरान इसमें उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला-एक समय यह 1,50,474 रुपए के उच्चतम स्तर तक पहुंचा, जबकि 1,49,201 रुपए का निचला स्तर भी छुआ। चांदी में भी इसी तरह की अस्थिरता देखी गई। यह 2,35,547 रुपए के उच्च स्तर तक गई, लेकिन बाद में गिरकर 2,31,503 रुपए तक आ गई। इससे साफ है कि बाजार में स्पष्ट दिशा का अभाव बना हुआ है।

सेफ हेवन डिमांड क्यों नहीं बढ़ी?

आमतौर पर वैश्विक तनाव के समय सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ जाती है। लेकिन इस बार विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं और स्पष्ट संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। इसके पीछे एक कारण यह भी हो सकता है कि अन्य एसेट क्लास और डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं की चमक को सीमित कर दिया है।

तकनीकी स्तरों पर नजर

विश्लेषकों के अनुसार, एमसीएक्स पर चांदी फिलहाल 2,31,000 से 2,33,000 रुपए के दायरे में कारोबार कर रही है। 2,33,000 से 2,34,000 रुपए के स्तर पर मजबूत रेजिस्टेंस देखा जा रहा है। अगर चांदी इस स्तर को पार करती है, तो कीमतों में तेजी आ सकती है। वहीं, 2,30,000 रुपए के नीचे गिरने पर इसमें और बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मिला-जुला रुख

वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं का रुख लगभग स्थिर रहा। कॉमेक्स गोल्ड हल्की गिरावट के साथ 4,681 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा था, जबकि कॉमेक्स सिल्वर मामूली बढ़त के साथ 72 डॉलर के करीब बना हुआ था। स्पॉट मार्केट में सोना हल्की बढ़त के साथ 4,653 डॉलर पर पहुंचा, जबकि चांदी में मामूली गिरावट दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक स्तर पर भी निवेशक फिलहाल स्पष्ट दिशा का इंतजार कर रहे हैं।

Strait of Hormuz

होर्मुज स्ट्रेट पर टिकी नजरें

बाजार की नजरें फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर चल रहे तनाव पर टिकी हैं। Iran और अमेरिका के बीच इस मुद्दे पर टकराव की स्थिति बनी हुई है। ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह तनाव को स्थायी रूप से खत्म करना चाहता है, लेकिन दबाव में आकर कोई फैसला नहीं करेगा। वहीं, ट्रंप ने चेतावनी दी है कि तय समयसीमा तक समाधान नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

कच्चे तेल में उछाल, असर व्यापक

जहां सोने-चांदी में गिरावट आई है, वहीं कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया। ब्रेंट क्रूड 1.69 प्रतिशत बढ़कर 111 डॉलर से ऊपर पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 3 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर 116 डॉलर के पार चला गया। तेल की बढ़ती कीमतें वैश्विक अर्थव्यवस्था और महंगाई पर असर डाल सकती हैं, जिससे आगे चलकर कीमती धातुओं की दिशा भी प्रभावित हो सकती है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

देश में मौजूदा हालात निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। एक तरफ वैश्विक तनाव है, तो दूसरी ओर बाजार में स्पष्ट रुझान की कमी। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय बाजार के संकेतों को समझना जरूरी है।

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