India's Oil Reserves: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को सुरक्षित रूप से पार कर एलपीजी से लदे चार जहाज भारत पहुंच चुके हैं। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि करते हुए देश की ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित होने का भरोसा दिया है।
नई दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में एमईए के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को लेकर पूरी तरह सतर्क और तैयार है। उन्होंने बताया कि देश की नीति 1.4 अरब लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है, जिसमें बाजार की स्थितियों और वैश्विक परिस्थितियों का भी ध्यान रखा जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चारों एलपीजी जहाज सुरक्षित रूप से भारत पहुंच चुके हैं और सरकार लगातार संबंधित देशों के संपर्क में है ताकि भविष्य में भी जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण इस क्षेत्र की स्थिरता पर असर पड़ा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ी है। हालांकि, भारत ने इस चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना करते हुए अपने आयात और आपूर्ति तंत्र को मजबूत बनाए रखा है।
जब रूस से एलपीजी या एलएनजी आयात के लिए अमेरिका से मंजूरी लेने की खबरों पर सवाल किया गया, तो जयसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत अपने ऊर्जा स्रोतों का चयन तीन मुख्य आधारों पर करता है—जनता की जरूरतें, बाजार की स्थिति और वैश्विक परिस्थितियां। उन्होंने यह भी कहा कि किस देश से तेल खरीदा जा रहा है, इस पर विस्तृत जानकारी पेट्रोलियम मंत्रालय बेहतर तरीके से दे सकता है।
सरकार के अनुसार, देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। सभी रिटेल आउटलेट्स पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कहीं भी कमी की स्थिति नहीं है। भारत, जो दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पांचवां सबसे बड़ा पेट्रोलियम उत्पाद निर्यातक है, अपनी घरेलू जरूरतों को संरचनात्मक रूप से पूरा करने में सक्षम है।
सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों और अफवाहों की कड़ी निंदा की है। पेट्रोल पंपों पर देखी गई भीड़ वास्तविक कमी के कारण नहीं, बल्कि फर्जी वीडियो और अफवाहों की वजह से थी। तेल कंपनियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रातभर काम किया और सप्लाई चेन को बाधित नहीं होने दिया।
भारत के पास वर्तमान में लगभग 74 दिनों की रिजर्व क्षमता है, जिसमें कच्चा तेल, तैयार उत्पाद और रणनीतिक भंडारण शामिल हैं। फिलहाल लगभग 60 दिनों का वास्तविक स्टॉक उपलब्ध है। इसके अलावा, अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की खरीद पहले ही सुनिश्चित की जा चुकी है। भारत 41 से अधिक वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं से तेल प्राप्त कर रहा है, जो उसकी ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत बनाता है।
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