ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी शुरू, खाड़ी देशों पर हमला
खबर सार :-
अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी शुरू कर दी है। 20 ज्यादा युद्धपोतों और सैकड़ों सैन्य विमानों से ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों से गुजरने वालों जहाजों की सख्त निगरानी की जा रही है।
खबर विस्तार : -
वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी शुरू कर दी है। 20 ज्यादा युद्धपोतों और सैकड़ों सैन्य विमानों से ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों से गुजरने वालों जहाजों की सख्त निगरानी की जा रही है। अमेरिकी मध्य कमान (सेंटकॉम) ने स्थानीय समयानुसार मंगलवार को एक्स पोस्ट में यह घोषणा की। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 प्रतिशत टैरिफ के अपने फैसले को पलट दिया है। अमेरिका ने ईरान पर लगातार चौथी रात हमले किए हैं। ईरान का कहना है कि उसने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों के साथ-साथ होर्मुज जलडमरूमध्य में दो बड़े तेल टैंकरों पर भी हमले किए।
जल मार्ग पर जोखिम
अल जजीरा और सीबीएस न्यूज के अनुसार, अमेरिका ने मंगलवार दोपहर ईरानी बंदरगाहों पर फिर से नाकाबंदी शुरू कर दी। शिपिंग इंडस्ट्री के भारी विरोध के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कार्गो पर 20 प्रतिशत टोल लगाने की योजना को रद्द कर दिया है। इसकी जगह खाड़ी देशों के साथ व्यापार और निवेश समझौते करने का फैसला किया। ईरान ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य के इस्तेमाल के लिए अपना टोल वसूलने की संभावना से इनकार नहीं किया है और बिना इजाजत इस जल मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को धमकी भी दी है। ताजा जंग से पिछले दो दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है।
सेंटकॉम ने कहा है कि इस समय मध्य पूर्व में अमेरिकी नौसेना के 20 से ज्यादा युद्धपोत और सैकड़ों सैन्य विमान तैनात हैं। सेंटकॉम ने कहा कि नाकाबंदी शाम चार बजे (पूर्वी समय) फिर से लागू की गई। इस दौरान अमेरिकी सेना ने ईरानी क्षमताओं को कम करने के लिए अभियान जारी रखा। इससे पहले, सेंटकॉम ने घोषणा की थी कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ एक और दौर के हमले शुरू किए हैं। सेंटकॉम ने एक अलग पोस्ट में कहा, "आज दोपहर 3 बजे (पूर्वी समय) अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के खिलाफ हमले शुरू किए।
वाशिंगटन-तेहरान के बीच तनाव बढ़ा
अमेरिकी सेना ने इन हमलों में शामिल जगहों या लक्ष्यों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। यह घटनाक्रम समुद्री सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य (वैश्विक ऊर्जा परिवहन का महत्वपूर्ण मार्ग है) में कमर्शियल जहाजों पर हमलों को लेकर वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है। इससे पहले दिन में सेंटकॉम ने बताया कि अमेरिकी सेना ने 13 जुलाई को रात 10:15 बजे (पूर्वी समय) ईरान के सैन्य ढांचे पर एक और सुनियोजित हमले का दौर पूरा किया। पांच घंटे चले इस अभियान में ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित बुशहर, चाबहार, जास्क, कोनारक, अबू मूसा और बंदर अब्बास में अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान के तटीय रक्षा सिस्टम, मिसाइल लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर, ड्रोन ठिकानों और नौसैनिक क्षमताओं को बेअसर करने के लिए सटीक निशाना लगाने वाले हथियारों का इस्तेमाल किया गया।
शिपिंग कारोबारी हुसैन शामखानी पर प्रतिबंध
इसके बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अमेरिकी हमलों के जवाब में अपने "ऑपरेशन नसर 2" के तीसरे चरण के दौरान बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं, अमेरिका ने मंगलवार को ईरान के शिपिंग कारोबारी मोहम्मद हुसैन शामखानी से कथित तौर पर जुड़े दर्जनों लोगों, कंपनियों और जहाजों पर प्रतिबंध लगा दिए। ईरान के एक सुरक्षा अधिकारी के बेटे शामखानी को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बड़े शिपिंग साम्राज्य का प्रमुख बताया है। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि वह ईरान और रूस का तेल ढोता है। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने इसकी पुष्टि की।
बंदर अब्बास और सिरिक में धमाके
अमेरिका के हमले के बीच ईरान के बंदर अब्बास और सिरिक में धमाकों की आवाज सुनी गई। सिरिक और बंदर अब्बास होर्मुज जलडमरूमध्य के किनारे स्थित हैं और ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान के दौरान अकसर निशाने पर रहते हैं। कुवैत का कहना है कि उसने ईरान के दर्जनों ड्रोन और मिसाइलों को रोका है। ईरान ने उसके युद्धपोत पर हमला किया। इस हमले में चार सैनिक घायल हो गए। कुवैती सेना का कहना है कि उसने मंगलवार शाम 33 ड्रोन, पांच क्रूज मिसाइल और एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोक दिया गया।
अमेरिकी प्रोजेक्टाइल ईरान के देहलोरान शहर से टकराया
ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने इराक की सीमा के पास स्थित इलाम प्रांत के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में देहलोरान शहर पर अमेरिकी के प्रोजेक्टाइल से हुए हमले का दावा किया है। संभावित नुकसान के बारे में अभी कोई और जानकारी नहीं है। सेंटकॉम ने ईरान पर पूरे क्षेत्र में नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि इन हमलों में लगभग एक दर्जन नागरिक और क्रू सदस्य मारे गए। उन्होंने कहा कि ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों की ओर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं।
अन्य प्रमुख खबरें
-
नेपाल से लौटे नागपुर, 106 में से 4 टूरिस्ट का दर्द छलका, कहा, सरकार ने बचा लिया
2026-08-29
-
नेपाल बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़ी, 616 शव बरामद, सैकड़ों लापता
2026-08-29
-
Nepal Flood: भोटेकोशी में बढ़ा जलस्तर, त्रिशूली तट पर हाई अलर्ट जारी
2026-08-28
-
नेपाल में 21 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया, सभी तमिलनाडु के रहने वाले
2026-08-27
-
धू-धू कर जल रहे अल्जीरिया के जंगल, 12 लोगों की मौत
2026-08-27
-
नेपाल में राहत-बचाव कार्य तेज, 21 भारतीयों समेत 123 लोगों का रेस्क्यू
2026-08-27
-
Trump ने शुल्क घटाकर तीन लाख टन तक बढ़ाया Beef Import Quota
2026-08-27
-
नेपाल में फंसे भारतीयों के लिए महाराष्ट्र सरकार ने जारी की हेल्पलाइन
2026-08-27
-
नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ का कहर, 157 मौतें और 700 लापता
2026-08-27
-
नेपाल में बाढ़ से 22 लोगों की मौत की पुष्टि, राहत-बचाव कार्य जारी
2026-08-26
-
नेपाल में बाढ़ से 400 से ज्यादा पर्यटक लापता, 105 भारतीय भी शामिल
2026-08-26
-
नेपाल में बाढ़ से कई परियोजनाओं को नुकसान, बिजली आपूर्ति बाधित
2026-08-26
-
पुर्तगाल से अब अगले पड़ाव के लिए रवाना हुआ आईएनएस सुदर्शिनी
2026-08-26
-
नेपाल के रसुवा में बाढ़ से अफरा-तफरी, 7 की मौत, रेस्क्यू जारी
2026-08-26
-
फ्रीडम एज’ सैन्य अभ्यास करेंगे अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया
2026-08-26