Putin statement on Pakistan : पाक किसी का रिमोट कंट्रोल नहीं, भारत के रक्षा हितों पर आंच नहीं आने देगा रूस
खबर सार :-
Putin statement on Pakistan : रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग में भारत और पीएम मोदी की तारीफ के साथ पाकिस्तान को लेकर बड़ा दावा किया है। जानिए पुतिन ने चीन-पाक नेक्सस और भारत के रक्षा हितों पर क्या कहा।
खबर विस्तार : -
सेंट पीटर्सबर्ग (रूस): अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मंच से एक बार फिर भारत और रूस के अटूट रिश्तों की गूंज सुनाई दी है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की है, लेकिन इस बार उनका एक और बयान वैश्विक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल फोरम में दुनिया भर के वरिष्ठ पत्रकारों से संवाद के दौरान रूसी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान और चीन के गठजोड़ पर खुलकर अपनी बात रखी। पुतिन ने पाकिस्तान को एक बड़ा मुल्क करार देते हुए कहा कि वह किसी का रिमोट कंट्रोल नहीं है और न ही वह पूरी तरह बीजिंग के इशारों पर चलता है। इस दौरान जब पत्रकारों ने भारत की सुरक्षा चिंताओं को लेकर तीखे सवाल पूछे, तो पुतिन ने साफ किया कि रूस और भारत के बीच सामरिक साझेदारी इतनी मजबूत है कि नई दिल्ली के रक्षा हितों को कभी कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।
Putin statement on Pakistan : भारत और चीन के पेचीदा मामलों में दखल देना ठीक नहीं
फोरम में बातचीत के दौरान जब रूसी राष्ट्रपति से पूछा गया कि मॉस्को के संबंध इस्लामाबाद और बीजिंग दोनों से बेहतर हो रहे हैं, तो क्या इससे भारत की सुरक्षा को कोई खतरा हो सकता है? इस पर व्लादिमीर पुतिन ने बेहद सधे हुए अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, "हम भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों की पेचीदगियों को बहुत अच्छी तरह समझते हैं। लेकिन जहां तक चीन का सवाल है, मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान पूरी तरह से चीन के नियंत्रण में है।" पुतिन ने आगे तर्क देते हुए कहा कि पाकिस्तान एक बड़ा देश है और दुनिया के तमाम मुल्कों के साथ उसके अपने स्वतंत्र और बहुआयामी संबंध हैं। हां, यह जरूर है कि उन्हें चीन के साथ अपने आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को ध्यान में रखना होता है, लेकिन आज के दौर में हर देश चीन के साथ अपने रिश्ते बढ़ा रहा है। रूसी राष्ट्रपति ने वैश्विक अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए भारत और चीन की ताकत का भी लोहा माना। उन्होंने कहा कि आज क्रय शक्ति समानता (GDP PPP) के मामले में चीन पहले, अमेरिका दूसरे, भारत तीसरे और रूस चौथे स्थान पर है। ये दुनिया की शीर्ष चार अर्थव्यवस्थाएं हैं। पुतिन के मुताबिक, "भारत और चीन के बीच संबंध बेहद नाजुक और बहुआयामी हैं। ऐसे में किसी तीसरे देश के लिए इन दोनों के बीच हस्तक्षेप करना बिल्कुल भी उचित नहीं है।" उन्होंने भरोसा जताया कि पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग दोनों ही नेता इतने परिपक्व हैं कि वे सीमा विवाद सहित अपने सभी आपसी मुद्दों को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं।
Putin statement on Pakistan : पुतिन का पाकिस्तान पर बयान और ब्रिक्स की ताकत का जिक्र
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अक्सर यह कयास लगाए जाते हैं कि रूस की चीन से नजदीकी भारत को अखर सकती है, या भारत की अमेरिका से बढ़ती दोस्ती रूस को परेशान कर सकती है। पुतिन ने इन तमाम अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। पुतिन का पाकिस्तान पर बयान इस बात का संकेत है कि रूस दक्षिण एशिया की राजनीति को एक अलग नजरिए से देख रहा है। पुतिन ने कहा, "रूस और भारत के मजबूत संबंध चीन को परेशान नहीं करते और न ही चीन के साथ हमारी दोस्ती से भारत को कोई दिक्कत होती है। आप ब्रिक्स (BRICS) का ही उदाहरण ले लीजिए।" उन्होंने याद दिलाया कि एक समय उन्होंने खुद प्रस्ताव दिया था कि भारत और चीन के नेताओं को एक साथ बैठना चाहिए, जिसके बाद रूस-भारत-चीन (RIC) त्रिपक्षीय मंच की शुरुआत हुई थी। शुरुआत में कई मुद्दों पर असहमति थी, लेकिन धीरे-धीरे बातचीत से रास्ते निकले और बाद में इस समूह में ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश भी शामिल होते चले गए।
Putin statement on Pakistan : उन्नत हथियारों के निर्माण में भारत के साथ खड़ी है रूसी सेना
बातचीत का रुख जब सैन्य तकनीक और हथियारों की तरफ मुड़ा, तो राष्ट्रपति पुतिन ने भारत के साथ रूस की ऐतिहासिक सैन्य साझेदारी के पन्ने खोल दिए। उन्होंने कहा कि रूस को भारत या चीन, किसी के भी साथ सैन्य सहयोग करने में कोई हिचकिचाहट नहीं है। भारत के साथ रक्षा सौदों का उदाहरण देते हुए उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल का विशेष तौर पर उल्लेख किया। पुतिन ने गर्व से कहा, "हम उन्नत हथियारों के मामले में भारत के साथ बेहद गहराई से सहयोग कर रहे हैं। भारत ने हमारे साथ मिलकर जमीन और समुद्र से मार करने वाली अत्याधुनिक ब्रह्मोस मिसाइलें तैयार की हैं, जो आज उसकी सेना की रीढ़ हैं।" इसी के साथ उन्होंने रूस के सबसे आधुनिक पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान Su-57 को लेकर भी एक बड़ा खुलासा किया। रूसी राष्ट्रपति ने बताया, "हमने अपने भारतीय मित्रों को Su-57 विमान की तकनीक पर एक साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया था। उस वक्त भारतीय पक्ष का कहना था कि पहले रूस को इसे खुद विकसित करना चाहिए और शायद बाद में भारत इस परियोजना का हिस्सा बनेगा।" पुतिन ने साफ किया कि रूस आज भी इस आधुनिक लड़ाकू विमान की आपूर्ति और इसके निरंतर तकनीकी विकास के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यही रुख रूस का एयर डिफेंस सिस्टम (S-400) को लेकर भी है।
Putin statement on Pakistan : पीएम मोदी पर अमेरिकी दबाव बेअसर: पुतिन
व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय विदेश नीति की संप्रभुता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर सराहना की। यूक्रेन संकट के बाद से ही अमेरिका और पश्चिमी देश लगातार भारत पर रूस से दूरी बनाने और कच्चे तेल के आयात को रोकने का दबाव बनाते रहे हैं। इस मुद्दे पर पुतिन ने वाशिंगटन को कड़ा संदेश दिया। रूसी राष्ट्रपति ने दोटूक शब्दों में कहा, "भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रिश्तों से भारत-रूस के पारंपरिक संबंधों को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। हमें पता है कि अमेरिका कई मुद्दों पर, विशेषकर रूस के साथ सहयोग को लेकर भारत पर भारी दबाव बनाने की कोशिश करता रहा है।" पुतिन ने आगे कहा कि लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने ऐसे तमाम प्रयास पूरी तरह बेअसर साबित हुए हैं। भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र है और वह अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को बेहतर समझता है। पुतिन ने दावा किया कि भविष्य में भी अमेरिकी दबाव के सामने भारत झुकने वाला नहीं है और वह ऐसे हर बाहरी प्रयास का मजबूती से प्रतिरोध करेगा। वैश्विक कूटनीति के लिहाज से देखा जाए तो पुतिन का पाकिस्तान पर बयान और भारत के प्रति उनका यह भरोसा दिखाता है कि मॉस्को के लिए नई दिल्ली की अहमियत क्या है। चीन और पाकिस्तान की जुगलबंदी के बीच रूस ने यह साफ कर दिया है कि वह भारत की सुरक्षा और तकनीक की जरूरतों के साथ हमेशा खड़ा रहेगा, चाहे वैश्विक समीकरण कुछ भी हों।
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