Iran-US War: ईरानी हमलों में भारतीय नागरिक की मौत, होर्मुज में UAE के दो तेल टैंकरों पर दागीं मिसाइलें

खबर सार :-

Iran-US War: अमेरिका ने ईरान के बंदर अब्बास और किश, केशम और अबू मूसा द्वीपों पर लगातार तीसरी रात हमले किए। इन हमलों के जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरुमध्य में यूएई के दो टैंकरों को निशाना बनाया। इन हमलों में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए।
Iran-US War: ईरानी हमलों में भारतीय नागरिक की मौत, होर्मुज में UAE के दो तेल टैंकरों पर दागीं मिसाइलें

खबर विस्तार : -

तेहरान/वॉशिंगटन: अमेरिका ने लगातार तीसरी रात ईरान के बंदरगाह वाले शहरों और दूसरी जगहों पर जबरदस्त हमले किए हैं। US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर सेना ने एक साथ ईरान के कई शहरों को निशाना बनाया। 

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो टैंकरों पर मिसाइल से हमला किया। इस हमले में चालक दल के एक भारतीय सदस्य की मौत हो गई। UAE के रक्षा मंत्रालय ने ईरानी मिसाइलों से हुए हमले में भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि की। 

‘हम जोरदार हमला करेंगे’

एक रेडियो इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "हम आज रात उन पर जोरदार हमला करने जा रहे हैं और कल भी उन पर जोरदार हमला करेंगे।" उन्होंने कहा कि ईरान ने समझौते का पालन नहीं किया है और जोर देकर कहा कि अंततः स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर US का ही नियंत्रण होगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ संघर्ष में US जिन देशों की मदद कर रहा है, उन्हें खर्च चुकाना चाहिए। उन्होंने इस क्षेत्र में कई सहयोगियों का नाम लिया, जिनमें इजराइल, सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। 

ईरान के बंदरगाहों पर धमाके

CNN और अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, CENTCOM ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर ईरान पर किए गए ताजा अमेरिकी हमलों से बंदरगाह शहर बंदर अब्बास और किश, केशम और अबू मूसा द्वीपों पर जोरदार धमाके हुए; ईरान ने इसकी पुष्टि की है। 

यूएई के दो टैंकरों पर मिसाइल से हमले

UAE के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ईरानी मिसाइलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के अंदर ओमान के समुद्री इलाके में उसके दो टैंकरों को निशाना बनाया। हमले में चालक दल के एक सदस्य की मौत हो गई; मरने वाला भारतीय नागरिक था। मंत्रालय ने बताया कि ईरानी हमले में आठ अन्य लोग घायल हुए, जिनमें छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। घायलों में से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। UAE के रक्षा मंत्रालय ने जवाबी कार्रवाई करने के अपने अधिकार पर जोर दिया।

ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी शुरू करेगा अमेरिका

CENTCOM ने घोषणा की है कि वह मंगलवार को शाम 4:00 बजे (ईस्टर्न टाइम) से ईरानी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले जहाजों की नौसैनिक नाकेबंदी फिर से शुरू करेगा। इस खबर के बाद, दुनियाभर में तेल की कीमतों में नौ प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। अमेरिका और ईरान के बीच नए सैन्य टकराव से इलाके में तनाव बढ़ गया है। सऊदी अरब और यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच भी दुश्मनी फिर से शुरू हो गई है, जिससे संकेत मिलता है कि अनौपचारिक युद्धविराम खत्म हो गया है। सऊदी अरब ने कहा कि उसने हूती बैलिस्टिक मिसाइल को रोका, जबकि हूतियों ने दावा किया कि सऊदी हवाई हमलों में सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया।

एक दर्जन अमेरिकी सैन्य विमान कर रहे निगरानी

मंगलवार सुबह के फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि कम से कम एक दर्जन अमेरिकी सैन्य विमान फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और सऊदी अरब के ऊपर, UAE तट के पास चक्कर लगा रहे थे। उसी समय, CENTCOM ने ईरान में टारगेट के खिलाफ लगातार तीसरी रात हमलों की एक और लहर की घोषणा की। ईस्टर्न टाइम के हिसाब से रात 8:00 बजे (ईरान के समय के अनुसार सुबह 3:30 बजे) उड़ान भरने वाले विमानों में नौ KC-135R और दो KC-46A रीफ्यूलिंग टैंकर शामिल थे। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा में कई इंटेलिजेंस और सर्विलांस विमान भी दिखे; इनमें एक E-3B सेंट्री एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) विमान और US नेवी का P-8 पोसीडॉन समुद्री निगरानी विमान शामिल था।

आधुनिक तकनीक से लैस है बोइंग E-3B सेंट्री विमान

E-3B 1,20,000 वर्ग मील के कॉम्बैट जोन में हवाई निगरानी करने में सक्षम है और एक साथ लगभग 600 लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है। लंबे समय तक चलने वाले ऑपरेशन के दौरान फाइटर जेट और अन्य अटैक एयरक्राफ्ट को हवा में बनाए रखने के लिए रीफ्यूलिंग विमान बहुत जरूरी होते हैं, क्योंकि वे बिना जमीन पर उतरे हवा में ही ईंधन भरने की सुविधा देते हैं। 

 

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