खाड़ी देशों तक बारूदी सुरंग फैल चुकी, बुशहर धमाकों से दहल उठा
खबर सार :-
होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी वर्चस्व की लड़ाई से खाड़ी देशों तक बारूदी सुरंग फैल चुकी है। भीषण संग्राम के बीच ईरान का बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र धमाकों से दहल उठा है।
खबर विस्तार : -
तेहरान। होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी वर्चस्व की लड़ाई से खाड़ी देशों तक बारूदी सुरंग फैल चुकी है। भीषण संग्राम के बीच ईरान का बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र धमाकों से दहल उठा है। अमेरिका ने दक्षिणी ईरान पर हुए ताजा हमलों में हाथ होने से इनकार किया है। इससे पहले 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल की एकीकृत सैन्य कार्रवाई के ठीक एक माह बाद 28 मार्च को ईरान के इस संयंत्र को निशाना बनाया जा चुका है। ईरान का यह एकमात्र और पहला चालू परमाणु ऊर्जा संयंत्र है। यह फारस की खाड़ी के तट पर दक्षिणी ईरान के बुशहर शहर के पास स्थित है। हालिया संघर्ष के दौरान इसके आसपास के क्षेत्रों में मिसाइलें और प्रोजेक्टाइल गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। इसे 1970 के दशक में जर्मन कंपनियों ने बनाना शुरू किया था। बाद में इसे रूस के सहयोग से पूरा किया गया। यहां का पहला रिएक्टर (यूनिट-1) लगभग 1000 मेगावॉट बिजली राष्ट्रीय ग्रिड को प्रदान करता है। ताजा विस्फोट से व्यापक रेडियोधर्मी रिसाव का खतरा बढ़ गया है।
वाशिंगटन हर हाल में ईरान के साथ बातचीत के लिए प्रतिबद्ध
अल जजीरा और एक्सिओस की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी ईरान के रणनीतिक इलाकों में एक के बाद एक कई जोरदार धमाकों ने पूरी दुनिया की सांसें अटका दी हैं। स्थानीय मीडिया और ईरानी अधिकारियों का दावा है कि बुशहर संयंत्र के बेहद नजदीकी सुरक्षा घेरे के साथ चोगादक सैन्य अड्डे और तटीय इलाकों को निशाना बनाया गया है। अब तक किसी ने भी इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है। ना ही ईरान ने किसी पर आरोप मढ़ा है। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि वाशिंगटन हर हाल में ईरान के साथ बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है। तेहरान के साथ तकनीकी बातचीत जारी है। एक्सिओस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका ने गुरुवार को हालात को शांत करने की कोशिश की। परमाणु समझौते तक पहुंचने के लिए तकनीकी स्तर की बातचीत जारी है। मध्यस्थों ने बुधवार को ईरान और अमेरिका के नेतृत्व से फोन पर बातचीत भी की। इस समय दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने पर सहमति बनाने और फिर तकनीकी टीमों के बीच बातचीत के अगले दौर के लिए तारीख तय करने के लिए बड़े पैमाने पर कूटनीतिक कोशिशें की जा रही हैं।
हमले के पीछे इजराइल का हाथ होने की पूरी संभावना
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व अमेरिकी मरीन कॉर्प्स अधिकारी डैन ग्रेजियर का कहना है कि इस हमले के पीछे इजराइल का हाथ होने की पूरी संभावना है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्थानीय समयानुसार गुरुवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी कदमों के बारे में जानकारी दी। इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय की एक्स पर साझा की गई पोस्ट में कहा गया, ''आज शाम दोनों नेताओं के बीच एक और बातचीत हुई, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच लगातार तालमेल बनाए रखने पर सहमति बनी।
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